वॉशिंगटन। पांच साल से छोटे बच्चों के ऊपरी श्वसन पथ में कोरोना वायरस की बड़ी मात्रा होती है। गुरुवार को प्रकाशित एक छोटे से अध्ययन से यह पता चला है। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बच्चे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं या नहीं। कोरोना वायरस प्रसार के स्रोत के रूप में बच्चों पर डेटा दुर्लभ है, और शुरुआती रिपोर्टों में बच्चों के लिए इस बात के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि वे घातक वायरस के प्रमुख योगदानकर्ता हैं, जो वैश्विक स्तर पर छह लाख 69 हजार 632 लोगों की जान ले चुका है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्चों में वायरस संचरण क्षमता को समझना सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। यह अध्ययन पत्रिका JAMA पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित किया गया है। Ann & Robert H. Lurie Children's Hospital और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के एक शोध दल ने शिकागो, इलिनोइस में इनपेटिएंट, आउट पेशेंट, आपातकालीन विभाग और ड्राइव-थ्रू परीक्षण साइटों से 23 मार्च से 27 अप्रैल 2020 के बीच स्वाब संग्रह का परीक्षण किया।

अध्ययन में एक महीने से लेकर 65 साल के बीच के हल्के-फुल्के COVID-19 लक्षणों वाले 145 व्यक्तियों को शामिल किया गया, जिन्हें तीन समूहों में बांट कर उनका अध्ययन किया गया। इस समूह को पांच साल से छोटे बच्चे, 5 से 17 साल के बच्चे और 18 से 65 साल के वयस्क शामिल किए गए थे। उनके विश्लेषण से पता चलता है कि छोटे बच्चों के ऊपरी श्वसन पथ में वयस्कों की तुलना में वायरल लोड 10 गुना से 100 गुना अधिक था।

COVID -19 वाले बड़े बच्चों में वायरल लोड वयस्कों के स्तर के बराबर पाया गया। इस अध्ययन में 5 साल से छोटे बच्चों में वायरल न्यूक्लिक एसिड अधिक मात्रा में पाया गया, जो नए वायरस उत्पन्न करने के लिए प्रोटीन के आनुवंशिक कोड है। अध्ययन में केवल वायरल न्यूक्लिक एसिड को देखा गया न कि संक्रामक वायरस। जिसका अर्थ है कि यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चे वायरस फैलाएंगे। फिर भी, छोटे बच्चों में इसका मौजूद होना उनकी व्यवहार संबंधी आदतों के बारे में चिंता पैदा करता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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