वॉशिंगटन। वर्जीनिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले को बीच की उंगली दिखाकर भद्दे इशारे करने वाली जूली ब्रिस्कमैन की तस्वीर सोशल मीडिया में काफी वायरल हुई थी और वह एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल, 28 अक्टूबर 2017 को जूली ने यह हरकत की थी और उसकी वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था। वह जिस कंपनी में नौकरी करती थीं, वह अमेरिकी सरकार और सेना के लिए काम करती थी। लिहाजा, कंपनी ने जूली को नौकरी से निकालते हुए कहा था- कि आप सोशल मीडिया पर इस तरह से अशिष्ट और अश्लील व्यवहार नहीं कर सकती हैं।

मगर, समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। उस घटना की वजह से जहां जूली की नौकरी चली गई थी, लेकिन उनकी राजनीतिक पहचान भी तत्काल बनने लगी थी। आज वह स्थानीय चुनाव में खड़ी हो रही हैं। पांच नवंबर को होने वाले स्थानीय चुनावों के लिए वह लोगों का समर्थन जुटा रही हैं और इसके लिए घर-घर जाकर उनसे मुलाकात कर रही हैं। इस बीच कई लोगों ने उनसे पूछा कि यह तो वही महिला है, जिसने राष्ट्रपति को उंगली दिखाई थी। इस पर जूली सहमति में सिर हिला देती हैं या मुस्कुरा देती हैं।

कुछ लोग जूली की तरफदारी करते हुए कहते हैं- कि आपने बिल्कुल सही किया, वह (ट्रंप) इसी के लायक थे। वहीं, कुछ लोग 54 वर्षीय एथलीट जूली के किए गए उस इशारे को सही नहीं मानते हैं। फिर भी जूली की राजनीतिक सफर तो शुरू हो ही गया है। एक मतदाता ने कहा की मैंने सुना था कि उसकी नौकरी चली गई थी और फिर सुना कि वह स्थानीय चुनाव लड़ रही है... यह अच्छा है। मुझे उनकी ऊर्जी पसंद आई। हालांकि, उस घटना के दो साल पूरे हो जाने के बाद अभी भी जूली को कुछ अज्ञात लोगों की तरफ से धमकी भरे संदेश मिलते रहते हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai