इस्लामाबाद। कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि वह करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है। सिख तीर्थयात्रियों का गुरु नानक की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में होने वाले समारोह में स्वागत करेगा। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान के नागरिक समाज और सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए यह बात कही, जो वर्तमान में 'ट्रैक -2 वार्ता, बियॉन्ड बाउंड्रीज' के लिए पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं।

कुरैशी ने कहा कि भारत के साथ हमारे तनाव के बावजूद, हमने करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का फैसला किया है। बताते चलें कि 5 अगस्त को कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था।

करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान के करतारपुर में दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा और भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के वीजा-फ्री आवागमन की सुविधा मुहैया कराएगा। सिख तीर्थयात्रियों को अब इस यात्रा के लिए बस एक परमिट लेना होगा। बताते चलें कि गुरु नानक साहब ने 1522 में पाकिस्तान के करतारपुर में इस गुरुद्वारे की स्थापना की थी।

पाकिस्तान भारतीय सीमा से गुरुद्वारा दरबार साहिब तक गलियारे का निर्माण कर रहा है, जबकि पाकिस्तान की सीमा तक डेरा बाबा नानक से दूसरे हिस्से का निर्माण भारत करेगा। कुरैशी ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि भारत के साथ मौजूदा तनाव का अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कुरैशी ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ लगी सीमा बंद नहीं होगी और न ही व्यापार रुकेगा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यवहार के कारण अफगानों को नुकसान क्यों उठाना चाहिए।