Income tax: दुनिया के अधिकांश देशों में टैक्स प्रणाली लागू है। यहां विकास के लिए लोगों को इनकम टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां लोगों को कोई इनकम टैक्स नहीं चुकाना पड़ता। इन जीरो टैक्स वाले देशों में विकास के लिए पैसा कहां से आता है.. आईए आपको बताते हैं।

इस खबर में हम आपको उन प्रमुख देशों के बारे में बता रहे हैं जहां एक तो सबसे ज्यादा इनकम टैक्स लगता है, वहीं हम आपको उन देशों के बारे में भी बताएंगे जहां लोगों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इन देशों में नागरिकों की कमाई चाहें जितनी हो, सरकार उनसे कोई इनकम टैक्स नहीं लेती।

यहां है सबसे ज्यादा टैक्स

बहरहाल सबसे ज्यादा इनकम टैक्स वाले देशों में सबसे ऊपर नाम है स्वीडन का। दुनिया में कमाई पर सबसे ज्यादा टैक्स लेने वाला देश स्वीडन है। यहां लोगों को 57.19 फीसदी की दर से इनकम टैक्स चुकाना पड़ता है। इस सूची में दूसरे स्थान पर जापान का नाम आता है। कमाई पर सबसे ज्यादा टैक्स लेने वाले देशों में शूमार जापान में 55.95 प्रतिशत इनकम टैक्स लगता है।

इसके बाद नाम आता है ऑस्ट्रेलिया का। 55 प्रतिशत इनकम टैक्स की दर के साथ ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। इसके बाद नीदरलैंड (51.75%) चौथे और बेल्जियम (50%) पांचवें स्थान पर है।

इसके अलावा इनकम टैक्स की अधिक दर वाले देशों में भारत में 42.7 फीसदी, मैक्सिको और माल्टा में 35 फीसदी टैक्स लगता है। कनाड़ा और न्यूजीलैंड में लोगों के अपनी आय का अधिकतम 33 फीसदी टैक्स चुकाना होता है, जबकि पोलैंड 32 फीसदी इनकम टैक्स लगता है। इसके अलावा अन्य कई देश हैं जहां न्यूनतम 10 से 12 फीसदी टैक्स लगता है।

यहां नहीं लगता टैक्स

हालांकि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां लोगों से उनकी कमाई पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता। ऐसे देशों में कतर, ओमान, बहमास, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। इन देशों के लोगों को अपनी इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होता है।

इसके अलावा मोनाको दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है जहां कोई टैक्स नहीं लगता। स्विटजरलैंडल में भी लोगों पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाता। क्यूबा और कैरेबियन द्वीप समूह से दूर समुद्र के बीच स्थित कैमेन आइलैंड में भी टैक्स नहीं लगता।

दरअसल जिन देशों में टैक्स नहीं लगता वहां की सरकारें देश के विकास में लगने वाला पैसा निर्यात से कमाती है। ये देश अपने यहां के प्राकृतिक संसाधनोंं के निर्यात से ये धन जुटाते हैं। ये अधिकांश देश गैस और तेल का निर्यात करते हैं। हालांकि यहां के लोगों को सिक्योरिटी, कैपिटल गेन, इंपोर्ट ड्यूटी सहित अन्य टैक्स देना होते हैं।

Posted By: Rahul Vavikar

fantasy cricket
fantasy cricket