नई दिल्ली। ब्रिटेन में प्रैक्टिस करने के इच्छुक डॉक्टरों, नर्सों को अब एक नई सुविधा मिली है। असल में उन्‍हें अब एक निश्चित प्रकार के परीक्षण से गुजरने में कुछ रियायत मिलेगी। यहां अंग्रेजी भाषा के परीक्षण में अब बैठना अनिवार्य नहीं होगा। यानी अंग्रेजी की अब अलग से कोई परीक्षा नहीं होगी। उम्‍मीद जताई जा रही है कि इससे एक बड़े वर्ग को राहत मिलेगी।

अब ब्रिटेन में ओक्यूपेशनल इंग्लिश टेस्ट (OT) को ही स्वीकार कर लिया जाएगा। OT परीक्षा संबंधित हेल्थकेयर नियामक में पंजीकरण के लिए सभी प्रतिभागियों को अनिवार्य रूप से देनी ही पड़ती है। नए बदलाव को सभी टीयर-2 (जनरल) वीजा आवेदनों के लिए एक अक्टूबर से लागू किया जाएगा।

क्‍या है OT टेस्‍ट

ओईटी अंग्रेजी भाषा की अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। यह परीक्षा मूलतः अंग्रेजी बोलने वाले देशों में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रोफेशनलों की भाषा की दक्षता का मूल्यांकन करती है। अब से पहले प्रतिभागियों को सबसे पहले ब्रिटेन के दो हेल्थकेयर बोर्ड नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री काउंसिल और जनरल मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत ओईटी परीक्षा देनी होती थी। उसके बाद वीजा के लिए आवेदन करते हुए टीओईएफएल या आइईएलटीएस जैसी परीक्षाओं को भी पास करना पड़ता था।

टीयर-टू वीजा के लिए स्वीकार कर लिया जाएगा

ओईटी परीक्षा करने वाले कैम्ब्रिज बॉक्सहिल लैग्वेज एसेसमेंट की सीईओ सुजाता स्टीड ने बताया कि ब्रिटेन में दाखिल होने के लिए टीयर-टू वीजा आवेदन करने वाले डॉक्टरों, नर्सों और दाइयों को अंग्रेजी भाषा की अलग से कोई परीक्षा नहीं देनी होगी। उनकी संबंधित निकायों में हुई व्यावसायिक अंग्रेजी भाषा की परीक्षा में पास होने को ही टीयर-टू वीजा के लिए स्वीकार कर लिया जाएगा।

ब्रिटेन के अलावा भी कई देशों में मान्यता

ओईटी परीक्षा को अंग्रेजी में दक्षता के सुबूत के तौर पर ब्रिटेन के अलावा भी कई देशों में मान्यता है। ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दुबई, सिंगापुर, नाम्बिया और यूक्रेन के प्रमुख हेल्थकेयर बोर्डों और परिषदों में पंजीकरण के मकसद से मान्यता मिली हुई है।

वीजा और आव्रजन के मकसद से भी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इस परीक्षा को मान्यता है। यह परीक्षा डेंटिस्ट्री, डायटीशियन, मेडिसिन, नर्सिंग, ओक्यूपेशनल थेरेपी, ओप्टोमेट्री, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, पोडियाट्री, रेडियोग्राफी, स्पीच पैथोलॉजी और वेटेनरी साइंस के प्रोफेशनलों को वीजा आदि देने की प्रक्रिया में देना होता है।