वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने इस पर अपने सलाहकारों से भी बात की है।

वह जानना चाहते हैं कि डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को खरीदना संभव है या नहीं। ट्रंप सितंबर में डेनमार्क की यात्रा पर भी जाने वाले हैं।

पिछले साल ओवल में हुई बैठक में ट्रंप ने पहली बार ग्रीनलैंड खरीदने की बात की थी। तब उन्होंने मजाक में कहा था कि वह प्राकृतिक संसाधनों के लिए उस द्वीप को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री लार्स लोक रासमुसेन ने अप्रैल फूल बताया

पूर्व प्रधानमंत्री लार्स लोक रासमुसेन ने इसे अप्रैल फूल जोक (मजाक) बताया। डेनिस पीपुल्स पार्टी के प्रवक्ता सोरेन इस्पर्सेन ने कहा, 'यदि ट्रंप ग्रीनलैंड खरीदने के लिए गंभीर हैं तो इससे प्रमाणित होता है कि वह पागल हो गए हैं। डेनमार्क अपने 50 हजार लोगों को अमेरिका को बेच देगा, यह सोचना भी हास्यास्पद है।'

पहले भी पेशकश कर चुका है अमेरिका

ट्रंप इकलौते राष्ट्रपति नहीं है, जिन्होंने इस द्वीप को खरीदने की इच्छा की है। 1956 में अमेरिका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए दस करोड़ डॉलर का प्रस्ताव दिया था। वह प्रस्ताव हालांकि खारिज हो गया था।

क्यों खास है ग्रीनलैंड

उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के बीच स्थित यह द्वीप दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। यहां कोयले और यूरेनियम की बहुतायत है। यहां करीब 57 हजार लोग रहते हैं। 20 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस द्वीप का 85 फीसद हिस्सा बर्फ से ढका रहता है।