लंदन। ब्रिटेन की रॉयल नेवी एक नए तरह की टेक्नोलॉजी का परीक्षण कर रही है। यह समुद्र में उसका नया हथियार साबित होंगी। ड्रोन विमानों की तरह ही इन बोट्स का इस्तेमाल दूर से ही किया जा सकेगा और दुश्मनों की जानकारी इकठ्ठा करने से लेकर समुद्र में माइन्स का पता लगाने में ये मददगार साबित होंगी। इन इन अनमैन्ड सर्फेस विहिकल (USVs) को युद्धपोत के ऑपरेशन्स रूम से चलाया जाएगा।

एक एडमिरल ने सैनिकों की जान को खतरे में डाले बिना पानी के भीतर की माइन्स का पता लगाने और दुश्मन के जहाजों पर जासूसी करने में सक्षम इन बोट्स की तारीफ की है। MAST-13 तकनीक 13 मीटर लंबी नौकाओं को युद्धपोतों के आगे मीलों दूर जाने और संभावित खतरे से आगाह करने की अनुमति देगी।

यह 45 नॉटिकल मील (84 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से सैकड़ों मील की दूरी तय कर सकती है और एक बार में 10 दिनों तक काम कर सकती। इसे नौसेना के दो विशेषज्ञ एक युद्धपोत के संचालन कक्ष में बैठकर नियंत्रित करते हैं, जिसमें जिसमें एक व्यक्ति नाव चलाता है और दूसरे में हथियारों का इस्तेमाल करता है।

रक्षा और एयरोस्पेस की दिग्गज कंपनी BAE सिस्टम्स ने साल 2015 में 50 लाख पाउंड की इस परियोजना पर काम करना शुरू किया था और अब नौसेना इसका परीक्षण कर रही है। इस सप्ताह लंदन में डिफेंस एंड सिक्योरिटी इक्विपमेंट इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में नावों को पेश किया गया था।

बीएई के मुख्य प्रौद्योगिकीविद माइक वुड्स ने कहा कि यह पूरी तरह से नौसैनिक युद्ध का भविष्य है। हमने देखा कि यूएवी और चालक रहित कारों के साथ अन्य क्षेत्रों में क्या हो रहा है और जानता था कि एक दिन यह टेक्नोलॉजी समुद्र में भी इस्तेमाल होगी। यह तकनीक समुद्र में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए कई चुनौतियों को पार कर सकती है।

यह बोट नौसेनिकों को किसी भी तरह के खतरे या नुकसान से दूर रखती है, जबकि वे तेजी से अलग-अलग तरह की अप्रत्याशित घटनाओं का जवाब दे सकते हैं, जिनका सामना वे हर रोज करते हैं। इस तरह से नौसैनिक जटिल और अस्पष्ट परिस्थितियों में तेजी से फैसला कर सकते हैं। वर्तमान में पैसेफिक 24 रिजिड इनफ्लेटेबल बोट्स का इस्तेमाल टोही अभियानों के लिए किया जाता है, जिसे जवान ऑपरेट करते हैं। उम्मीद है कि ये नई मानव रहित बोट्स उनकी जगह ले लेंगी। इसमें दो 550bhp डीजल इंजन लगे हैं, जो नाव को हल्का, तेज रफ्तार बनाते हैं।