Ebola Virus outbreak । युगांडा के इबोला वायरस ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एक मौत सहित सात लोगों में इबोला वायरस की पुष्टि हुई है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने जानकारी दी है कि युगांडा से पहले सूडान में भी इबोला संक्रमण के कुछ मामले देखने में आए थे। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय में इंसिडेंट कमांडर हेनरी क्योबे गुरुवार को अफ्रीका के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग में इस बात की घोषणा की, जो कांगो गणराज्य की राजधानी ब्राजाविल में स्थित है।

युंगाडा में 7 मामलों की पुष्टि

क्योबे ने कहा कि देश ने 7 मामलों की सूचना दी है, जो संभवत: प्रकोप की पुष्टि से पहले इबोला से मर गए, यह देखते हुए कि स्वास्थ्य अधिकारी संपर्क ट्रेसिंग और कोविड-19 उपचार केंद्रों को फिर से तैयार करने पर काम कर रहे हैं।

सूडान स्ट्रेन का खतरा ज्यादा

WHO ने मंगलवार को कहा कि 24 वर्षीय एक व्यक्ति के सैंपल की पहचान अपेक्षाकृत दुर्लभ सूडान स्ट्रेन के रूप में की गई, जो करीब 10 साल में पहली बार है कि युगांडा में सूडान स्ट्रेन पाया गया है, जिसमें 2019 में इबोला वायरस के जैरे स्ट्रेन का प्रकोप भी देखा गया था। WHO पहले भी कह चुका है कि इबोला के खिलाफ मौजूदा टीके जैरे स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी साबित हुए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे सूडान स्ट्रेन के खिलाफ ये वैक्सीन कारगर होंगे या नहीं।

इबोला से मृत्यु दर 41 फीसदी

इबोला मनुष्यों और अन्य प्राइमेट को प्रभावित करने वाली एक गंभीर, घातक बीमारी है। अभी तक इबोला के 6 अलग-अलग स्ट्रेन हैं, जिनमें से तीन, बुंदीबुग्यो, सूडान और जैरे, पहले बड़े प्रकोप का कारण बने हैं। पिछले प्रकोपों में सूडान स्ट्रेन की केस मृत्यु दर 41 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक भिन्न है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, सहायक उपचार के शुरुआती रोल-आउट से इबोला से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है।

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