काहिरा। तूतनखामन के 3000 साल पुराने मुखौटे का पता लगाने के लिए मिस्र की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी इंटरपोल की मदद मांगी है। मिस्र सरकार के कड़े विरोध के बावजूद इस महीने की शुरुआत में मुखौटे को नीलाम कर दिया गया। लंदन स्थित नीलामी घर क्रिस्टी में यह मुखौटा 60 लाख डॉलर (करीब 42 करोड़ रुपए) में बिका था। इसके खरीदार का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।

प्राचीन वस्तुओं से जुड़े मामले देखने वाली मिस्र की राष्ट्रीय समिति (NCAR) ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इंटरपोल से इस मुखौटे का पता लगाने की मांग की है। NCAR ने कहा, 'मिस्र से वैध तरीके से लाने के दस्तावेज नहीं होने के बावजूद इसकी बिक्री की गई। समिति इस गैर-पेशेवर रवैये से असंतुष्ट है।' मिस्र के पूर्व मंत्री जाही हवास के अनुसार, 1970 में इस मुखौटे के चोरी होने की बात सामने आई थी। इसी वजह से समिति ने ब्रिटेन सरकार से इसकी नीलामी रुकवाने की गुजारिश की थी लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।