लंदन। ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध में यह आशंका जताई गई है। पिछले कुछ दशक में दुनियाभर में चीनी वाले पेय पदार्थों की खपत बढ़ी है और मोटापे से इसका संबंध भी सामने आ चुका है। यही मोटापा आगे चलकर कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है।

हालांकि, कैंसर और ऐसे पेय पदार्थों के बीच संबंध को लेकर अब भी ज्यादा शोध नहीं हुए हैं। हालिया अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने फ्रांस के 1,01,257 स्वस्थ लोगों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया। इन सबकी औसत उम्र 42 साल थी। नौ साल तक चले अध्ययन के बाद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।

इसमें पाया गया कि रोजाना चीनी वाले पेय पदार्थों की 100 मिलीलीटर मात्रा बढ़ाने से कैंसर का खतरा 18 फीसदी तक बढ़ जाता है। वहीं, स्तन कैंसर का खतरा 22 फीसदी तक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि इसे अभी अंतिम परिमाण नहीं माना जा सकता है। अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

ज्यादा फाइबर वाले खानपान से गर्भावस्था में लाभ

गर्भावस्था के दौरान ज्यादा फाइबर वाला सेहतमंद भोजन मां और बच्चे दोनों के लिए लाभकारी रहता है। यह गर्भवती महिलाओं को प्रीक्लैंप्सिया के खतरे से भी बचाता है। बढ़े हुए ब्लड प्रेशर, मूत्र में प्रोटीन की अधिक मात्रा और शरीर में सूजन से इसका पता चलता है। यह स्थिति महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए घातक हो सकती है। इससे बच्चे का विकास भी प्रभावित हो सकता है।

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के शोधकर्ताओं ने बताया कि प्राकृतिक रूप से पौधों से पाए जाने वाले फाइबर को पेट के बैक्टीरिया ऐसे घटकों में तोड़ देते हैं, जिनसे प्रतिरक्षा प्रणाली को ताकत मिलती है। वैज्ञानिकों ने कहा कि गर्भावस्था के करीब 10 फीसद मामलों में प्रीक्लैंप्सिया के लक्षण देखे जा सकते हैं। खानपान में सुधार से इससे बचना संभव है।