सैन फ्रांसिस्को। सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फेसबुक के खिलाफ यूजर्स की निजता के उल्लंघन और डाटा चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बार फेसबुक ने खुद ही बुधवार को यूजर्स के डाटा चोरी होने की खबर दी है, जो चिंताजनक है। कंपनी के ब्लॉग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2018 में अपने नियमों में बदलाव करने के बाद से करीब 100 ऐप डेवलपर्स ने कई महीनों तक फेसबुक यूजर्स का निजी डाटा इकट्ठा किया। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर ऐप वीडियो स्ट्रीमिंग या सोशल मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े हुए हैं। हालांकि, फेसबुक ने इन डाटा चोरी करने वाली कंपनियों के नाम जाहिर नहीं किए हैं।

लिहाजा, ऐहतियातन कदम उठाते हुए कंपनी की ओर से ऐप डेवलपर्स को डाटा डिलीट करने का निर्देश दिया गया है। इसे सुनिश्चित कराने के लिए कंपनी ऑडिट भी करेगी।

फेसबुक के ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स थर्ड पार्टी टूल्स का इस्तेमाल करके अपने ग्रुप को संचालित कर सकते हैं, जिससे एप्स को उसमें होने वाली गतिविधियों की जानकारी मिलती है। बताया जा रहा है कि इन एप्स को सोशल मीडिया साइटों पर ग्रुप चलाने वाले एडमिन की सहूलियत के लिए डिजाइन किया गया था, ताकि ग्रुप के सदस्य आसानी से वीडियो आदि शेयर कर पाएं।

कंपनी ने कहा कि ऐसा तब हुआ, जब फेसबुक ने पिछले साल अपने ग्रुप सिस्टम को बंद कर दिया था। कंपनी ने इनमें से 11 ऐप की पुष्टि की है, जिनके जरिए बीते 60 दिनों में यूजर्स के नाम, प्रोफाइल पिक्चर और ग्रुप में उनके क्रियाकलापों से संबंधित जानकारियां जमा की गई थीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में अब तक निजता उल्लंघन या डाटा चोरी का सबूत नहीं मिला है।

फेसबुक के प्लेटफॉर्म पार्टनरशिप विभाग के निदेशक कांस्टेनटिनो पापमिल्डिटस ने कहा कि हम यूजर्स के डाटा की सुरक्षा को लेकर सजग हैं। इस दिशा में सुधार के प्रत्येक प्रयास किए जा रहे हैं। ब्रिटेन स्थित कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा 8.7 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी करने के मामले में फेसबुक पहले ही गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। फेडरल ट्रेड कमीशन ने इस मामले में कंपनी पर पांच अरब डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपए) का जुर्माना भी लगा चुकी है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai