पेरिस में FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की बैठक में Pakistan को लेकर फैसला सुनाया गया। FATF ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में बरकरार रखा है। इस दौरान आतंकी फंडिंग को लेकर PAK को एफएटीएफ की निगरानी सूची में बनाए रखने को कहा गया। आतंकी फंडिंग समेत काले धन का प्रवाह रोकने के लिए पूरे विश्व में एक समान नियम कानून बनाने के लिए बनाई गई संस्था एफएटीएफ की पिछले रविवार से पेरिस में बैठक चल रही है और इसका फैसला शुक्रवार को सामने आया है।

पाकिस्तान को सिर्फ चार महीने की मोहलत

FATF (Financial Action Task Force) ने पाकिस्तान को 4 महीने की मोहलत दी है, लेकिन कहा है कि अगर पाकिस्तान ने जून 2020 तक आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बताए गए कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट यानि प्रतिबंधित सूची में डाला जा सकता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि इस फैसले की घोषणा शुक्रवार को एफएटीएफ की बैठक के अंत में की जा सकती है, जो वर्तमान में फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रही है।

तुर्की को छोड़कर किसी देश ने नहीं किया समर्थन

एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को तुर्की के अलावा अन्य किसी भी देश से साफ तौर पर समर्थन नहीं मिला। यहां तक कि चीन ने भी इस बार उसका साथ छोड़ दिया है। पाकिस्तान सरकार के समक्ष जो 27 काम टास्क फोर्स की तरफ से दिए गए थे उसमें से आधे पर भी ठीक तरह से काम नहीं हुआ है। ऐसे में उसे कहा गया है कि वह जून, 2020 तक बाकी सभी काम पूरा करे। समय सीमा में ऐसा नहीं होता है तो एफएटीएफ कार्रवाई करेगा।

Posted By: Navodit Saktawat