FIFA World Cup 2022 Qatar: विवादास्पद स्व-घोषित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक को कतर द्वारा रविवार से शुरू हुए फीफा विश्व कप टूर्नामेंट में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया है। नाइक वर्तमान में 2017 से मलेशिया में निर्वासित हैं, और अपने भड़काऊ भाषणों के लिए कुख्‍यात है। नाइक भारत में प्रतिबंधित है। वह कट्टरपंथी उपदेशों के लिए जाना जाता है। उस पर जबरन धर्मांतरण, आत्मघाती बम विस्फोटों को सही ठहराने और हिंदू देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने का आरोप है।

मालूम हो कि जाकिर नाइक पेशे से डॉक्टर हैं और मुंबई में रहता था। नाइक अहमद दीदत से प्रभावित होने के बाद एक इस्लामी उपदेशक बन गया, सूरत में जन्मे उपदेशक, जो बाद में दक्षिण अफ्रीका में बस गया। वह इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) का संस्थापक और अध्यक्ष है, जो भारत में प्रतिबंधित है। मार्च में ट्रिब्यूनल ने कड़े आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत 2021 से गृह मंत्रालय के आदेश को बरकरार रखा, जिसने आईआरएफ पर प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ा दिया था।

ज़ाकिर संचालित चैनल, पीस टीवी और पीस टीवी उर्दू, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों में प्रतिबंधित हैं। नाइक पर अपने भाषणों के माध्यम से 2016 में ढाका में होली आर्टिसन बेकरी में बम विस्फोट करने वालों को प्रभावित करने का आरोप है, जिसमें 20 लोग मारे गए थे। 2019 में श्रीलंका में ईस्टर बम विस्फोट हुए थे जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा इस कथित धार्मिक उपदेशक के खिलाफ जांच शुरू करने से ठीक पहले वह 2016 में मलेशिया भाग गया।

नाइक भारत में वांटेड है क्योंकि वह धन शोधन के आरोपों का सामना कर रहा है, और कथित आतंकवाद संबंधी गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। मई 2020 में भारत सरकार ने मलेशिया को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा। हालांकि मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर बिन मोहम्मद ने 2019 में कहा था कि उनके देश को नाइक को प्रत्यर्पित न करने का अधिकार है। इसी तरह के कारणों से ऑस्ट्रेलिया ने 2015 में सिरुल अजहर उमर को प्रत्यर्पित करने के अपने देश के अनुरोध को ठुकरा दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि नाइक का मानना ​​है कि उसे भारत में न्याय नहीं मिलेगा। मलेशिया की 3.2 करोड़ की आबादी में 60 फीसदी मुसलमान हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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