मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। गैलीली गैलिलियो वैसे तो वे धार्मिक प्रवृत्ति के थे लेकिन उन पर लगे धर्मविरोधी आरोपों ने उनका जीवन बदलकर रख दिया।

उनकी उपलब्धियों मे दूरबीन का निर्माण, खगोलीय परीक्षण कापरनिकलस की थ्‍योरी का समर्थन है। आज ही के दिन वे खुद पर लगे नास्तिकता के आरोपों की सुनवाई के लिए राजा के समक्ष पहुंचे थे।

आइये जानते हैं कि ये मामला क्‍या था। असल में गैलिलियो कोपरनिकस के सूर्य केंद्रित सिद्धांत के हिमायती थे। इसके अनुसार पृथ्‍वी इस ब्रम्‍हांड का केंद्र है।

पृथ्‍वी सूर्य का चक्‍कर लगाती है ना कि सूर्य पृथ्‍वी का चक्‍कर लगाता है। वर्ष 1610 में गैलिलियो ने जब इस थ्‍योरी का समर्थन शुरू किया तो तत्‍कालीन समाज के धर्मगुरु उनसे नाराज़ हो गए।

गैलिलियो को चेताया गया कि वे इस सिद्धांत का प्रचार ना करे। यह मामला पांच साल तक चलता रहा। इसी दौरान गैलिलियो को नास्तिक या धर्मविरोधी बताया गया।

हालांकि अगले साल वे दोषों से मुक्‍त जरूर हो गए लेकिन सुनवाई करने वाले चर्च ने उक्‍त सिद्धांत को धर्म के खिलाफ ही माना। गैलिलियो को हिदायत दी गई कि वे इसका प्रचार ना करें जिस पर वे राजी हो गए।

काफी वर्षों बाद उन्‍होंने अपनी किताब “डायलाग कन्सर्निंग द टू चीफ वर्ल्ड सिस्टमस” में उक्‍त सिद्धांत का फिर से समर्थन शुरू कर दिया तो चर्च की भृकुटियां तन गईं। इस बार उन्‍हें घोषित रूप से धर्म विरोधी बता दिया गया जिसका खामियाजा उन्‍हें ताउम्र एकाकी जीवन बिताकर भुगतना पड़ा।

कौन थे गैलिलियो

गैलीली गैलिलियो एक इटालियन भौतिक विज्ञानी, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री और दार्शनिक थे। उनके पिता संगीतज्ञ थे। उनका सबसे छोटा भाई माइकलएंजेलो ख्‍यात मूर्तिकार थे।

वे रोमन कैथोलिक इसाई थे। बचपन में उनकी इच्‍छा पादरी बनने की थी लेकिन बाद में उन्‍होंने इसकी पढ़ाई छोड़ दी।

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