वॉशिंगटन Pfizer corona vaccine। लंबे समय से कोरोना वैक्सीन का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। अमेरिका की प्रमुख दवा कंपनी फाइजर को कोरोना के खिलाफ असरकार वैक्सीन बनाने में सफलता मिली है। फाइजर इंक ने बुधवार को दावा किया कि उनके द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन अपने अंतिम चरण के परीक्षण में 95 फीसदी कारगर पाई गई है। साथ ही इसके कुछ दुष्परिणाम भी नहीं है। कंपनी के मुताबिक सुरक्षा संबंधी जरूरी दो महीने का डाटा इकट्ठा कर लिया है और जल्द ही अमेरिकी नियामक संस्था के पास वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए आवेदन किया जाएगा।

जर्मनी के कंपनी के साथ मिलकर तैयार की वैक्सीन

फाइजर ने बताया कि जर्मनी की उसकी पार्टनर कंपनी बायोएनटेक एसई के साथ मिलकर विकसित की गई। यह वैक्सीन हर उम्र और नस्ल के लोगों के लिए प्रभावी है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है, जो एक संकेत है कि वैश्विक स्तर पर टीकाकरण किया जा सकता है। फाइजर के मुताबिक वैक्सीन 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में 94 फीसद तक प्रभावी असर दिखा रही है।

ये बोले फाइजर कंपनी के सीईओ

फाइजर के CEO अल्बर्ट बौरला ने कहा कि यह अध्ययन पिछले 8 महीने से जारी महामारी को खत्म करने के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने में अहम मदद मिलेगी। वहीं ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग में विषाणु विज्ञान विभाग में प्रोफेसर इयान जोंस ने भी कहा कि इस वैक्सीन के प्रयोग के दौरान जो डाटा प्राप्त हुआ है, वह काफी मजबूत है।

43 हजार वॉलंटियर्स पर किया था प्रयोग

फाइजर कंपनी ने कहा कि वैक्सीन का 43 हजार वॉलंटियर्स पर परीक्षण किया गया था। इनमें से 170 लोग संक्रमित पाए गए थे, इनमें से सिर्फ 8 लोगों को वैक्सीन दी गई। कंपनी ने कहा कि जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी, उनमें से भी सिर्फ दो फीसदी पर ही गंभीर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला और ये लोग भी थकान महसूस कर रहे थे। कंपनी का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में यह लक्षण दूसरी खुराक देने के बाद नजर आया। ज्यादातर मामलों में इसका साइड इफेक्ट हल्का रहा और वह तुरंत दूर भी हो गया। ज्यादा उम्र के लोगों में हल्का बुखार आने के लक्षण दिखाई दिए, जो कुछ ही दिनों में ठीक भी हो गया।

फाइजर ने कहा कि अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की वैक्सीन सलाहकार समिति दिसंबर में उसके आंकड़ों का एनालिसिस करेगी। अभी एक हफ्ता पहले ही दवा कंपनी ने वैक्सीन के आखिरी चरण के परीक्षण के प्रारंभिक नतीजे घोषित किए थे और जिसमें इसके 90 फीसद से अधिक कारगर होने की बात कही गई थी। लेकिन अब कंपनी का दावा 95 फीसदी तक बढ़ गया है। इसके अलावा अमेरिका की ही दूसरी बड़ी दवा कंपनी मॉडर्ना इंक ने भी सोमवार को अपनी कोरोना वैक्सीन के परीक्षण के प्रारंभिक नतीजे घोषित किए थे। मॉडर्ना इंक ने भी अपनी वैक्सीन को करीब 95 फीसद कारगर बताया था।

Posted By: Sandeep Chourey

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