बर्लिन। एक बंदूकधारी ने बुधवार को पूर्वी जर्मन शहर हाले में एक यहूदी पूजा घर के बाहर दो लोगों की हत्या कर दी। हमले के दौरान उसने एक हेड माउंट कैमरा पहन रखा था, जिसके जरिये उसने घटना की लाइव स्ट्रीमिंग की। इस हमले ने इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों पर हुए हमले की याद ताजी कर दी। 35-मिनट के वीडियो की शुरुआत में हरे रंग की जैकेट पहने एक आदमी खुद को "एनॉन" के रूप में पेश करता है। वह होलोकास्ट से इनकार करता है और उन चीजों की सूची बनाता है, जिन्हें वह दुनिया की समस्या के रूप में देखता है। इस लिस्ट में वह नारीवाद का भी जिक्र करता है, जो कम जन्मदर के लिए जिम्मेदार है और इमिग्रेशन (आव्रजन) की भी बात करता है।

गेमिंग साइट ट्विच पर स्ट्रीम किए गए वीडियो में वह कहता है- इन सभी समस्याओं की जड़ यहूदी हैं। इस वीडियो को इंटरनेशनल सेंटर फॉर द स्टडीज ऑफ रेडिकलाइजेशन ने द वाशिंगटन पोस्ट के साथ साझा किया गया था। आदमी बार-बार कसम खाता है और अपने वीडियो दर्शकों से माफी मांगता है क्योंकि उसकी योजना गड़बड़ हो जाता है। इसके लिए वह अपने घर पर बने हथियारों को भी दोषी ठहराता है।

जब दरवाजा बंद हो जाने की वजह से उसे यहूदी उपासकों से भरे हुए पूजा घर में घुसने का मौका नहीं मिलता है, तो वह गली से गुजर रही एक महिला और पास की कबाब की दुकान में खड़े एक व्यक्ति को गोली मार दी। जर्मन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और वीडियो की जांच की जा रही है। एक जर्मन सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि हमलावर ने घटना की लाइव स्ट्रीमिंग करने के लिए सिर पर कैमरा लगा रखा था।

अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध जर्मनी का रहने वाला 27 वर्षीय व्यक्ति है। उसके बारे में पुलिस या खुफिया विभाग को कुछ भी पता नहीं था और उसने दावा किया है कि वह अकेले काम कर रहा था। अधिकारी ने कहा कि निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए हमले की तरह से इसे भी अंजाम देने की योजना थी। हालांकि, समय रहते पूजा घर का दरवाजा बंद कर दिया गया और यह शख्स अंदर नहीं घुस पाया, नहीं तो बहुत से लोगों की जान चली जाती।

बताते चलें कि मार्च में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक बंदूकधारी ने 51 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने इस घटना की लाइव स्ट्रीमिंग की थी। हमलावर 28 साल के श्वेत वर्चस्ववादी ब्रेंटन टैरेंट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसने भी हेलमेट पर लगे कैमरे के जरिये हमले की रिकॉर्डिंग को लाइव स्ट्रीम किया था।

मगर, जर्मनी के शूटर टैरेंट के जितनी तबाही नहीं मचा पाया। पिट्सबर्ग और पावे, कैलिफोर्निया में यहूदी पूजाघरों में हुए घातक हमलों ने संयुक्त राज्य में यहूदी समुदाय को हिला दिया है, जबकि जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों में यहूदी विरोधी घृणा अपराधों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

इस साल की शुरुआत में जर्मन सरकार के एक यहूदी-विरोधी प्रतिनिधि ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने कहा था कि जर्मनी में यहूदियों के लिए सार्वजनिक रूप से पारंपरिक कप्पा टोपी पहनना सुरक्षित नहीं होगा।