न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान बहुमंजिला इमारत की छत से जा टकराया। इस टक्कर से तेज धमाका हुआ और हेलीकॉप्टर आग का गोला बन गया। इस हादसे में पायलट की मौत हो गई, हालांकि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। लेकिन यह घटना जिस तरह हुई उससे अमेरिकी नागरिक थोड़े वक्त के लिए डर गए और उनके जेहन में 9/11 की यादें ताजा हो गई।

11 सितंबर, 2001 को आतंकियों ने विमान हाईजैक कर न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित मशहूर जुड़वां टॉवर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकरा दिया था। इसमें दोनों इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गई थीं और लगभग तीन हजार लोग मारे गए थे। ताजा हेलीकॉप्टर हादसा भी मैनहट्टन में हुआ। यह हेलीकॉप्टर सोमवार को लैंडिंग के वक्त मैनहट्टन के सेवेंथ एवेन्यू की एक बहुमंजिली इमारत की छत से जा टकराया। इस टक्कर से तेज आवाज हुई और आग और धुएं का गुबार दिखा। ऐसे में लोगों को लगा कि कोई धमाका हुआ है।

उस इमारत समेत आसपास की ऊंची इमारतों में स्थित दफ्तरों में काम करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया और लोग सीढ़ियों से नीचे की तरफ भागे। मोबाइल फोन पर इस घटना को लेकर यह संदेश भी फैल गया कि हेलीकॉप्टर को जानबूझकर टकराया गया है। इस घटना को 9/11 से भी जोड़ दिया गया। घटनास्थल पर पहुंचे गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने यह साफ किया कि इस घटना का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है।

प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ रहा था हेलीकॉप्टर

घटना के बाद पुलिस कमिश्नर जेम्स पीओ नील ने कहा कि हेलीकॉप्टर प्रतिबंधित वायुक्षेत्र में उड़ान भर रहा था। न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा कि जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से संपर्क किया था या नहीं।

खराब मौसम हो सकता है हादसे की वजह

शुरुआती जांच में अधिकारियों का मानना है कि पायलट खराब मौसम के चलते फंस गया था। उस समय बादल करीब 700 फीट की ऊंचाई पर थे और इसी ऊंचाई पर वह छत भी थी जिस पर हेलीकॉप्टर को उतरना था।