सैन फ्रांसिस्को। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी IBM ने पिछले कुछ सालों में कूल और ट्रेंडी दिखने के लिए करीब एक लाख उम्रदराज लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। बढ़ती उम्र को लेकर किए जा रहे इस भेदभाव के खिलाफ कंपनी के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने कोर्ट केस किया है।

रजिस्ट्रार के अनुसार, पूर्व आईबीएम सेल्समैन जोनाथन लैंगली की ओर से वकीलों द्वारा दायर किए गए मामले में मुकदमे की सुनवाई में एचआर वाइस प्रेसिडेंट एलन वाइल्ड ने कथित तौर पर गवाही दी कि 50,000 से 100,000 कर्मचारियों को पांच साल में निकाला गया है।

युवा दिखने के लिए आईबीएम कंपनी ने पुराने उम्र दराज लोगों की जगह युवा लोगों रख लिया, जैसा कि अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और फेसबुक जैसे कई तकनीकी दिग्गज कंपनियों ने किया। लैंगले (61) ने 'पुराने पेशेवर कर्मचारियों को तथाकथित शुरुआती पेशेवर' से बदलने के लिए अनुचित तरीके से निकालने के मामले में पिछले साल आईबीएम पर केस किया था।

हालांकि, 108 साल पुरानी तकनीकी कंपनी ने अपनी तरफ से कहा कि कंपनी उम्र के आधार पर भेदभाव नहीं करती है। आईबीएम ने एक बयान में कहा- कंपनी ने 50 हजार लोगों को हर साल नौकरी पर रखा और अपनी टीम की ट्रेनिंग पर करीब 50 करोड़ डॉलर खर्च किए।

कंपनी ने यह भी कहा कि हमें रोजाना करीब 8000 नई नौकरियों के लिए आवेदन मिलते हैं। यह रोजगार आवेदन की सबसे ज्यादा दर है, जो हमने आज तक अनुभव की है। लिहाजा, यह आईबीएम की रणनीति और भविष्य के लिए दिशा के बारे में साफ उत्साह दिखाती है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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