वॉशिंगटन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार शाम को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका पहुंचे। मगर, यहा अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी जमकर बेइज्जती की है। पहले तो एयरपोर्ट पर इमरान के स्वागत में न तो ट्रंप वहां पहुंचे और न ही किसी अधिकारी को भेजा। इसके बाद मेट्रो में सफर करके पाकिस्तान के पीएम को होटल पहुंचना पड़ा।

सोमवार को उनकी मुलाकात राष्ट्रपति ट्रंप से व्हाइट हाउस में होनी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अमेरिका में रहने वाले कुछ पाकिस्तानी लोगों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। अमेरिका से आर्थिक मदद की गुहार लगाने के लिए इमरान खान यह दौरा कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक वह आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करता है, उसे कोई मदद नहीं मिलेगी।

अमेरिकी दौरे से पहले पाकिस्तान ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के आरोप में बीते बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस नाटक पर ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि हम यह देख चुके हैं कि सईद को पहले भी कई बार जेल में डाला जा चुका है। सईद संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी है, जिस पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपये) का इनाम रखा है। उसे सातवीं बार गिरफ्तार किया गया है।

इमरान खान की अमेरिकी यात्रा से पहले भी ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा था कि हाफिज सईद जैसे आतंकियों के आकाओं के खिलाफ कार्रवाई का वह सिर्फ दिखावा न करे, बल्कि यह सुनिश्चित करे कि इस तरह की कार्रवाई निरंतर होती रहे।

आर्थिक संकट से घिरा है पाक

क्रिकेटर से राजनेता बने 66 वर्षीय इमरान खान देश के मुखिया होने के बावजूद चार्टर्ड विमान की जगह कतर एयरवेज की फ्लाइट से अमेरिका पहुंचे। बताया जा रहा है कि देश के आर्थिक संकट की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आईएमएफ ने भी उसे कड़ी शर्तों के साथ बेल-आउट पैकेज दिया है। चीन के साथ इकोनॉमिक कॉरिडोर पर हस्ताक्षर करके वह चीन के लोन के जाल में फंस चुका है। पाकिस्तान में महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है।

डॉक्टर की रिहाई की मांग करेगा अमेरिका

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और इमरान की मुलाकात के दौरान वह उस डॉक्टर की रिहाई की मांग कर सकते हैं जिसने वैश्विक आंतकी ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में सीआईए की मदद की थी। पाकिस्तान ने डॉक्टर शकील अफरीदी को जेल में कैद किया हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने से पहले ट्रंप ने एक चुनावी प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि वह पाकिस्तान से अफरीदी को दो मिनट में छुड़वा लेंगे।

बताते चलें कि साल 2011 में अफरीदी ने सीआईए को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को खोजने में मदद की थी। उसे बाद में उसे देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था और वह वर्तमान में पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहा है। कुछ ही दिन पहले अफरीदी के परिवार और वकील ने उम्मीद जताई थी कि पाक पीएम इमरान के सामने ट्रंप अफरीदी की रिहाई का मुद्दा उठाएंगे।