
डिजिटल डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अदियाला जेल प्रशासन ने बड़ा अपडेट जारी किया है। पाकिस्तानी न्यूज़ पोर्टल जियो के अनुसार, रावलपिंडी जेल अधिकारियों ने कहा कि इमरान खान को किसी भी प्रकार से जेल से ट्रांसफर किए जाने की खबरें असत्य हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें आवश्यक सभी मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गुरुवार सुबह X पर जारी बयान में PTI ने कहा कि इमरान खान की सेहत से जुड़ी अफवाहें ‘अफगान, भारतीय मीडिया तथा विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स’ द्वारा फैलाई जा रही हैं।
पार्टी ने मांग की कि सरकार और गृह मंत्रालय तुरंत इन अफवाहों को खारिज करे और इमरान खान व उनके परिवार के बीच एक बैठक का प्रबंध करे। PTI ने यह भी कहा कि सरकार को इमरान खान की सेहत, सुरक्षा और जेल में उनकी मौजूदा स्थिति पर एक “औपचारिक और पारदर्शी” बयान जारी करना चाहिए।
पिछले सप्ताह अदियाला जेल के बाहर इमरान खान की तीन बहनों ने उनके और PTI समर्थकों पर हुए पुलिस हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी हालत को लेकर कई दावे तेजी से फैलने लगे।
कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने बिना पुष्टि के यह दावा भी कर दिया कि इमरान खान को आसिम मुनीर और उनके ISI एडमिनिस्ट्रेशन ने मार डाला है। हालांकि इन दावों की पुष्टि किसी विश्वसनीय संस्था ने नहीं की।
इमरान की मौत की अफवाहें तब और फैल गईं, जब अफगानिस्तान टाइम्स नाम के एक हैंडल ने कहा कि उनके “भरोसेमंद सूत्रों” के अनुसार इमरान खान की हत्या अदियाला जेल में कर दी गई है। यह दावा भी किसी सरकारी या आधिकारिक एजेंसी द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया।
इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद हैं। सरकार ने पिछले एक महीने से किसी भी व्यक्ति को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी है। यहां तक कि खैबर-पख्तूनख्वा के चीफ मिनिस्टर सोहेल अफरीदी भी सात प्रयासों के बावजूद मुलाकात नहीं कर पाए।
इमरान खान की बहनों नोरीन नियाजी, अलीमा खान और डॉ. उजमा खान ने पंजाब पुलिस चीफ उस्मान अनवर को लिखे पत्र में दावा किया कि वे पिछले सप्ताह जेल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं, तभी पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला किया।
PTI न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, नोरीन नियाजी ने कहा,
“हम सिर्फ उनकी सेहत को लेकर चिंतित थे। हमने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया, न सड़कें रोकीं और न ही किसी को रोका। अचानक स्ट्रीट लाइटें बंद की गईं और इसके बाद पुलिस ने सोची-समझी साजिश के तहत हमला किया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि 71 वर्ष की उम्र में उन्हें बालों से पकड़कर जमीन पर फेंका गया और घसीटा गया, जिससे वे घायल हो गईं। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद अन्य महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।