न्यूयॉर्क। अमेरिका में पहली बार किसी मृत महिला के गर्भाशय को ट्रांसप्लांट कर एक बच्ची का जन्म कराया गया है। यह कारनामा उत्तरी अमेरिका के डॉक्टरों ने किया है। ऑहियो के क्लीवलैंड क्लिनिक की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि मृत महिला के गर्भाशय को ट्रांसप्लांट करने का जिम्मा एक स्वीडिश डॉक्टर के पास था। क्लीवलैंड क्लिनिक के डॉक्टरों ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि, बच्ची का जन्म इसी साल जून में था। हमने 5 ट्रांसप्लांट किये थे, जिसमें से तीन ट्रांसप्लांट सफल हुए। जबकि, दो महिलाएं अभी प्रेगनेंसी के इंतजार में हैं।

पहली बार ब्राजील के डॉक्ट्रिन ने मृत महिला का गर्भाशय ट्रांसप्लांट कर उससे बच्चे का जन्म करवाया था। रिसर्च का नेतृत्व साओ पॉलो यूनिवर्सिटी की डॉक्टर डानी इजेनबर्ग ने किया था। इजेनबर्ग ने बताया कि, मृत महिला के गर्भाशय का ट्रांसप्लांट सितंबर, 2016 में किया गया था। उस महिला के शरीर में यह गर्भाशय ट्रांसप्लांट कर लगाया गया था। उस वक्त महिला की उम्र 32 वर्ष थी। यह महिला दुर्लभ सिंड्रोम की वजह से बिना गर्भाशय के पैदा हुई थी।

डॉक्टरों ने बताया कि, डोनर (मृत महिला) के गर्भाशय को दूसरी महिला की वेन्स से जोड़ा गया और आर्टरी, लिगामेंट्स और वजाइनल कनाल को लिंक किया गया। इसके बाद ट्रांसप्लांट सफल रहा। डॉक्टरों के अनुसार गर्भाशय ट्रांसप्लांट के पांच महीने बाद ही महिला के सभी टेस्ट नॉर्मल आ रहे थे। उनका अल्ट्रासाउंड नॉर्मल था और उन्हें मेंस्ट्रुएशन भी समय पर हो रहा था। इसके बाद महिला के पहले से फ्रीज किए हुए एग्स को ट्रांसप्लांट के सात महीने बाद इंप्लांट किया गया और 10 दिन बाद उनकी प्रेगनेंसी कंफर्म हो गई। बता दें कि, जिंदा डोनर से इस प्रकार की सफलता 5 साल पहले स्वीडन के डॉक्टरों को मिली थी। स्वीडन इसके लिए प्रसिद्ध भी है।