दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारतीय कारोबारी लालो सैमुअल को देश में स्थायी तौर पर रहने के लिए गोल्ड कार्ड दिया है। वह यह कार्ड पाने वाले शारजाह के पहले प्रवासी बन गए हैं। यूएई कारोबारियों और कुशल लोगों को पांच या दस के लिए दीर्घकालीन वीसा देता है, लेकिन इसकी अपेक्षा गोल्ड कार्ड पाने वाले व्यक्ति को इस खाड़ी देश में स्थायी तौर पर रहने का अधिकार मिल जाता है।

गल्फ न्यूज के अनुसार, शारजाह में निवास और विदेशी नागरिकों के मामलों के महानिदेशक बिग्रेडियर आरिफ अल शम्सी ने किंग्स्टन ग्रुप के चेयरमैन सैमुअल को गोल्ड रेजीडेंसी कार्ड प्रदान किया। इस ग्रुप का कारोबार पश्चिम एशिया में फैला हुआ है।

यह ग्रुप प्लास्टिक और मेटल प्रोसेस करने का काम करता है। सैमुअल को यह कार्ड गत मई में घोषित एक योजना के तहत मिला है। इस योजना का एलान दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम ने किया था। फोर्ब्स मैगजीन की अरब जगत में 100 सबसे प्रभावशाली भारतीय कारोबारियों की सूची में सैमुअल 2013, 2014 और 2015 में शीर्ष पर रहे थे।