नई दिल्ली। ब्रिटिश सांसद और लेबर पार्टी की नेता डेबी अब्राहम्स ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के भारत सरकार के कदम का विरोध किया था। इसके बाद उन्हें भारत में प्रवेश देने से मना कर दिया गया। भारत सरकार ने कहा कि भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से रद कर दिया गया था। बताते चलें कि कश्मीर पर ब्रिटिश संसदीय समूह की अध्यक्षता करने वाली डेबी को सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया था।

सरकार के सूत्रों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को वीजा जारी करना या रद करना देश का संप्रभु अधिकार है। डेबी को पिछले साल 7 अक्टूबर को बिजनेस मीटिंग में शामिल होने के लिए ई-वीजा जारी किया गया था, जो पांच अक्टूबर 2020 तक वैध था। मगर, देश विरोधी गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद सरकार ने वीजा रद कर दिया था और इस बारे में उन्हें 14 फरवरी को सूचित कर दिया गया था।

लिहाजा, इस बार जब 17 फरवरी को वह भारत पहुंची, तो उनके पास वैलिड वीजा नहीं होने की वजह से उन्हें वापस लौटा दिया गया। उधर, इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भारत सरकार का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम जरूरी था क्योंकि वह पाकिस्तान की प्रॉक्सी हैं।

सिंघवी ने ट्वीट में लिखा- भारत द्वारा डेबी अब्राहम्स का निर्वासन वास्तव में जरूरी था क्योंकि वह केवल सांसद नहीं हैं बल्कि पाक की प्रॉक्सी भी हैं। उन्हें पाकिस्तान सरकार और आईएसआई के साथ संबंध रखने के लिए जाना जाता है। भारत की संप्रभुता पर हमला करने की कोशिश करने वाले हर प्रयास को नाकाम किया जाना चाहिए।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai