वाशिंगटन। अमेरिका में रहने वाले 21 साल के भारतीय छात्र विश्वजीत कुमार झा को धोखाधड़ी के एक मामले में पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। सजा पूरी होने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। उसने एक टेलीमार्केटिंग फ्रॉड स्कीम में तकनीकी मदद की थी। इस स्कीम के जरिये करीब दो दर्जन बुजुर्गों से दस लाख डॉलर (लगभग सात करोड़ रुपये) की ठगी की गई थी।

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, विश्वजीत हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में इंटर्नशिप कर रहा था। वह 58 से 93 साल के बुजुर्गों के साथ हुई धोखाधड़ी में शामिल पाया गया। इन लोगों की रिटायरमेंट सेविंग को ठगा गया था। न्यूपोर्ट शहर की पुलिस ने पिछले साल 18 नवंबर को धोखाधड़ी की इस साजिश का पर्दाफाश किया था। विश्वजीत और अन्य साजिशकर्ताओं के घरों पर मारे गए छापों में धोखाधड़ी से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।

धोखाधड़ी से जुटाई गई धनराशि का कैलिफोर्निया के एक बैंक खाते के जरिये लेनदेन किया गया था। इसमें से बड़ा हिस्सा भारत, चीन और सिंगापुर भेजा गया था।