मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों बहुत खिन्‍न हैं। अव्‍वल तो अनुच्‍छेद 370 पर भारत द्वारा उठाए गए बड़े कदम से वे संभले नहीं थे कि उधर यूएन में भी उनके मुल्‍क की खासी फजीहत हो गई। इस बौखलाहट के चलते अब उन्‍होंने कुछ और कहा है। यूं कहें कि काफी कुछ कह डाला है। रविवार को उन्‍होंने ट्वीटर का रूख किया और एक के बाद लगातार 5 ट्वीट कर डाले। इसमें उन्‍होंने जी भरकर मोदी सरकार को कोसा, भाजपा और आरएसएस की तुलना फासीवाद, नाजीवाद तक से कर डाली और अंत में विश्‍व समुदाय से गुहार लगाते हुए कहा कि अब तो हस्‍तक्षेप करो। आइये विस्‍तार से पढ़ते हैं, इमरान के शिकायती अल्‍फाज़।

भारत की परमाणु शक्ति मोदी सरकार के नियंत्रण में

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि भारत की परमाणु शक्ति मोदी सरकार के नियंत्रण में है। विश्‍व को इस पर विचार करना चाहिये। रविवार को उन्‍होंने ट्वीट किया और कहा कि, "दुनिया को फासीवादी, नस्लवादी हिंदू वर्चस्ववादी मोदी सरकार के नियंत्रण में भारत के परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा और सुरक्षा पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह एक ऐसा मुद्दा है, जो न केवल क्षेत्र बल्कि दुनिया को प्रभावित करता है।"

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने रविवार को "भारत के परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा और सुरक्षा" के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्‍होंने "फासीवादी, जातिवादी हिंदू वर्चस्ववादी" नरेंद्र मोदी सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से नोटिस लेने का आग्रह किया।

एक हफ्ते में दूसरी बार, इमरान खान ने एक बार फिर से वैश्विक समुदाय का ध्यान कश्मीर मसले पर लाने की कोशिश की। यह कहते हुए कि "यह खतरे की घंटी है, जिसके बारे में पहले से चेताया जाना था और संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को दुनिया भर में भेजना चाहिये था"।

"भारत पर नस्लवादी हिंदू वर्चस्ववादी विचारधारा ने कब्जा कर लिया है, जैसा कि जर्मनी पर नाजियों, फासीवादी नेतृत्व द्वारा कब्जा कर लिया था। इससे नौ हज़ार से अधिक कश्मीरियों को दो सप्ताह के लिए घेराबंदी का खतरा है, इस बारे में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को दुनिया भर में खतरे की घंटी का आभास कराया जाना चाहिये था।

संघ को लेकर यह कहा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ आरोप लगाते हुए खान ने कहा, "कोई भी व्‍यक्ति गूगल पर सर्च करते नाजी विचारधारा और आरएसएस-भाजपा की नरसंहार विचारधारा के बीच की कड़ी को समझ सकता है।"

भारतीय मुस्लिमों के लिए लगाई गुहार

उन्होंने कहा, पहले से ही चार मिलियन भारतीय मुसलमान निरोध शिविरों और नागरिकता रद्द करने की मुसीबत का सामना कर रहे हैं। दुनिया को इस बात पर ध्यान देना चाहिए। आरएसएस के लोग घृणा और नरसंहार के सिद्धांत लिए घूम रहे हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे रोकने के लिए कार्य नहीं करता है, तो यह बहुत फैल जाएगा।

राजनाथ सिंह ने स्‍पष्‍ट कहा, POK पर होगी बात

एक दिन पहले ही राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी थी, तो यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर होगी।

उन्होंने पंचकुला में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन आशीर्वाद यात्रा’ में बोलते हुए कहा,“कुछ लोगों का मानना है कि वार्ता पाकिस्तान के साथ होनी चाहिए लेकिन जब तक पाकिस्तान आतंक का समर्थन करता है, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। यदि वार्ता होगी, तो पीओके पर होगी।”