टोक्यो। टीबी की बीमारी से जूझ रही बीमार मां की मदद के लिए महज 12 साल की उम्र में मासरू वासमी ने सब्जी की दुकान में काम किया था। इसके तीन साल बाद उन्होंने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी और पैसे कमाने के लिए बिजनेस करना शुरू कर दिया था और आज वह अरबपति हैं। साल 1970 में उन्होंने एक ट्रक से अपना बिजनेस शुरू किया और कुछ सालों के भीतर उनकी मारुवा उन्यु किकान कंपनी बना ली, जिसके 100 से ज्यादा ट्रक सड़कों पर चल रहे थे।

आज उनकी कंपनी जापान में सुपरमार्केट और दवाईयों के स्टोर पर सप्लाई देती है। मासरू वासमी के अरबपति बनने में अमेजन डॉट कॉम ने भी काफी मदद की है। अमेजन ने उनकी फर्म को साल 2017 में देशभर में सेम-डे डिलीवरी सर्विस (एक ही दिन में उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाने) के लिए इनलिस्ट किया था।

वसामी ने एक इंटरव्यू में उस रात का जिक्र करते किया, जब उन्हें इस नए बिजनेस का आइडिया आया था। उन्होंने कहा कि उस रात मैं सो नहीं सका था। उन्होंने बताया कि अपने एक दोस्त के साथ अपने ट्रक में सामान डिलिवरी का काम शुरू किया। टोक्यो रिसर्च इंस्टीट्यूट कंपनी के एक्सपर्ट केनजी कनाई ने अमेजन के साथ 74 वर्षीय वासमी की डील के समय का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा जीतने वाले मौकों की तलाश में रहते हैं।

ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर के साथ उनकी साझेदारी की वजह से उनकी कंपनी मारुवा के शेयर काफी बढ़ गए और इस साल उनकी कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। वासमी के पास कंपनी के करीब 60 फीसद शेयर हैं, जिससे उनकी नेट वर्थ एक अरब डॉलर हो गई।

अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के बाजार में अपनी पकड़ बनाने की वजह से बीते दशक में लोगों ने खूब संपत्ति अर्जित की है। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की कुल संपत्ति 107.7 अरब डॉलर है और वह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी तलाकशुदा पत्नी मैकेंजी बेजोस के पास 4 फीसद शेयर हैं और उनकी संपत्ति 34.6 अरब डॉलर है। पिछले महीने ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के चेयरमैन के पद से इस्तीफा देने वाले जैक मा चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इसी तरह फ्लिपकार्ट के दो सह संस्थापक भी बीते साल उस वक्त अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए थे, जब वॉलमार्ट इंक ने भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी के स्टेक को अपने नियंत्रण में लिया था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai