तेहरान। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के लिए काम करने वाले 17 जासूसों को गिरफ्तार कर लिया है। ईरानी मीडिया में कहा गया है कि उनमें से कुछ को मौत की सजा दी गई है। राज्य टेलीविजन ने खुफिया मंत्रालय के हवाले से कहा कि इसके साथ ही उसने सीआईए की जासूसी नेटवर्क को तोड़ दिया है।

यह घोषणा पश्चिम के साथ तीन महीने पहले से शुरू हुए टकराव के बाद अब की गई है। बताते चलें कि मई की शुरुआत में ईरान पर अमेरिका ने नए सख्त प्रतिबंधों को लगा दिया था। पिछले हफ्ते 4 जुलाई को जिब्राल्टर के तट से एक ईरानी टैंकर को ब्रिटेन की रॉयल मरीन ने जब्त कर लिया था। जिसकी जवाबी कार्रवाई में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के टैंकर पर कब्जा कर लिया था।

राज्य टेलीविजन पर मंत्रालय के एक बयान के हवाले से कहा गया- पहचाने गए जासूसों को आर्थिक, परमाणु, ढांचागत, सैन्य और साइबर क्षेत्रों में संवेदनशील और महत्वपूर्ण निजी क्षेत्र के केंद्रों में नियुक्त किया गया था। वहां से उन्होंने क्लासीफाइड जानकारियां चुराई थीं।

हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि गिरफ्तारी जून में एक्सपोज की गई साइबर जासूसी के नेटवर्क के पर्दाफाश से संबंधित थी या नहीं। ईरान ने दावा किया था कि साइबर जासूसी के पीछे सीआईए का हाथ था। ईरान ने कहा था कि अमेरिकी जासूसों को इस गतिविधि के नतीजतन विभिन्न देशों से गिरफ्तार किया गया था।