वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरेंट जारी किया गया है। इतना ही नहीं, उन्हें पकड़ने में मदद करने के लिए इंटरपोल की मदद भी मांगी गई है। ट्रंप के अलावा 12 अन्य लोगों के खिलाफ भी गिरफ्तारी के वॉरेंट जारी किए गए हैं आप सोच रहे होंगे कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के नेता के खिलाफ आखिर किसने गिरफ्तारी वॉरेंट जारी कर दिया है और आखिर मामला क्या है। तो हम आपको बता दें कि ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दर्जनों अन्य लोगों के खिलाफ एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और उन्हें हिरासत में लेने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी है।

दरअसल, इन लोगों पर ईरान को संदेह है कि उन्होंने ईरान के शीर्ष जनरल को बगदाद में ड्रोन हमले में मार गिराया था। यह जानकारी सोमवार को एक स्थानीय अभियोजक ने दी। तेहरान के अभियोजक अली अलकसीमहर ने कहा कि ट्रंप और 30 से अधिक अन्य लोगों पर ईरान ने 3 जनवरी को बगदाद में किए गए ड्रोन हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है, जिसमें ईरानी सेना के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य के खिलाफ ईरान ने हत्या और आतंकवाद के आरोप लगाए हैं। फ्रांस के ल्योन में स्थित इंटरपोल ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। अली ने कहा कि ईरान ने ट्रंप और अन्य लोगों के लिए "लाल नोटिस" देने का अनुरोध किया था, जो इंटरपोल द्वारा जारी उच्चतम स्तर के गिरफ्तारी अनुरोध का प्रतिनिधित्व करता है। स्थानीय अधिकारी देश की ओर से उनकी गिरफ्तारी का अनुरोध करते हैं। नोटिस देशों को संदिग्धों को गिरफ्तार करने या प्रत्यर्पित करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है, लेकिन नेताओं की संदिग्ध यात्रा को सीमित कर सकता है।

अनुरोध मिलने के बाद इंटरपोल समिति से मिलता है और चर्चा करता है कि अपने सदस्य देशों के साथ जानकारी साझा करनी है या नहीं। इंटरपोल को किसी भी नोटिस को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, कुछ नोटिस इसकी वेबसाइट पर प्रकाशित होते हैं।

यह संभावना नहीं है कि इंटरपोल ईरान के अनुरोध को स्वीकार करेगा क्योंकि नोटिस जारी करने के इसके दिशा-निर्देश राजनीतिक हस्तक्षेप या गतिविधि की प्रकृति पर काम करने से रोकते हैं। बताते चलें कि अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता कासिम सुलेमानी को उस वक्त ड्रोन हमले में मार गिराया था, जब वह जनवरी में बगदाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से अपने काफिले में गुजर रहे थे। सुलेमानी रेवोल्यूशनरी गार्ड के विदेशों में अभियान को अंजाम देने वाले कुद्स बल की कमान संभालते थे।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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