बर्गामो। जो लोग अभी भी कोरोना वायरस महामारी को हल्के में ले रहे हैं, वो इटली से आने वाली हृदयविदारक खबरों को पढ़ें। यहां दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोग इस वायरस के संक्रमण के कारण मौत के मुंह में चले गए हैं। अब आलम यह हो गया है कि अंतिम संस्कार से पहले शवों को रखने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। यहां मृतकों की संख्या 8,000 से ऊपर पहुंच चुकी है। रोम में अधिकारियों ने 662 नई मौतों और 6,153 लोगों को संक्रमण होने की जानकारी दी है।

लगातार चौथे दिन दैनिक मौतों में वृद्धि की दर 8.8 प्रतिशत पर निचले स्तर पर है, जबकि संक्रमण की दर लगभग आठ प्रतिशत थी। मगर, इससे नीचे दर नहीं आ रही है। इटली के लोग महसूस कर रहे हैं कि दो हफ्ते के लॉक डाउन के बाद भी बीमारी का फैलना कम नहीं हो रहा है। डिप्टी सिविल प्रोटेक्शन सर्विस के प्रमुख अगस्टिनो मियोजो ने कहा- जब तक हम इस संख्या में बहुत बड़ी गिरावट नहीं देखते हैं, तब तक हमें बहुत बलिदान करते रहना होगा। इटली के कोरोना वायरस से होने वाली मौत का आंकड़ा अब 8,165 पर पहुंच चुका है। जो स्पेन और चीन के दूसरे स्थान पर है, जहां यह वायरस दिसंबर में उभरा था।

शवों की अंतहीन बाढ़ की वजह से इटली के उत्तरी शहर बर्गमो के अधिकारी पड़ोसी शहरों में कम बोझ वाले कब्रगाहों और शवदाह केंद्रों में अभी भी अधिक शव भेजने के लिए मजबूर हो गए हैं। बताते चलें कि बर्गमों शहर इस महामारी का केंद्र बनकर उभरा है। गुरुवार को बर्गामो कब्रिस्तान से छह सेना के ट्रकों में ताबूतों को रखते हुए देखा गया था। यहां के मेजर जियोर्जियो गोरी ने एक बयान जारी कर कहा कि बड़ी संख्या में होने वाली मौतों की वजह से बर्गामो में शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता है। मेयर ने कहा कि शहर को इस सप्ताह के अंत में बाहर भेजे गए शवों की राख के साथ 113 कलश मिले थे।

लगभग एक लाख 20 हजार की आबादी वाले शहर में शवों का ढेर लगता जा रहा है। इटली के नवीनतम आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि COVID-19 बुजुर्गों और बीमारों को बुरी तरह मारता है। इटली की पहली 5,542 मृत्यु के आंकड़े बताते हैं कि 98.6 प्रतिशत पीड़ित पहले से ही कम से कम एक बीमारी से पीड़ित थे। जब उनकी मृत्यु हुई, तो आधे से अधिक में तीन या अधिक स्वास्थ्य समस्याएं थीं। मृतकों की औसत आयु 78 साल थी। पुष्टि हुए COVID-19 मामलों में इटली की मृत्यु दर 10.1 प्रतिशत है, जो दक्षिण कोरिया जैसे व्यापक-आधारित परीक्षण वाले देशों की तुलना में बहुत अधिक थी।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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