मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। इटली के एक डॉक्‍टर ने घोषणा की है कि वे जल्‍द ही चीन में विश्‍व का पहला हेड ट्रांसप्‍लांट करेंगे। उन्‍होंने चीन को इसलिए चुना क्‍योंकि अमेरिका और यूरोप की मेडिकल बिरादरी ऐसे विवादित ऑपरेशन के लिए अनुमति नहीं देगी।

सर्जियो कैनेवेरो नाम के इस डॉक्‍टर ने कहा कि अमेरिकियों ने इस बात को नहीं समझा। कैनेवेरो ने कहा कि चीन की सरकार और स्‍थानीय डॉक्‍टर रेन जियोपिंग इस प्रक्रिया में उनका साथ देंगे। सर्जरी की तारीख जल्‍द ही तय की जाएगी।

चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनफिंग चीन को सभी क्षेत्रों में आगे ले जाना चाहते हैं। कैनेवेरो को इस बात से शिकायत है कि अमेरिका और यूरोप ने इस महत्‍वाकांक्षी सर्जरी को करवाने में रुचि नहीं दिखाई। सर्जरी के बाद वे संबंधित लोगों की पहचान उजागर नहीं करेंगे।

ऐसा होगा ये अनूठा ऑपरेशन

डोनर एक सेहतमंद शरीर वाला व्‍यक्ति होगा जिसे ब्रेन डेड घोषित किया गया होगा। इससे मरीज को नया सिर लगाया जाएगा जो कि रोग मुक्‍त होगा।

इस सर्जरी के लिए 100 मिलियन यूएस डॉलर की लागत आंकी गई है जिसमें कई दर्जन विशेषज्ञ और सर्जन शामिल होंगे। वे सिर और धड़ को एक डायमंड ब्‍लेड से जोड़ेंगे।

जिस व्‍यक्ति को सिर लगाया जा रहा है, उसे तत्‍काल मृत्‍यु से बचाने के लिए शरीर का तापमान बढ़ने से रोकने के लिए कूलिंग भी दी जाएगी। सिर देने वाला और पाने वाला दोनों को बैठाकर रखा जाएगा।

सिर को धड़ से अलग करने के लिए करीब 24 घंटे का समय लग जाएगा। इस दौरान नसों, अंगों, गले के टिश्‍यू, आहारनली आदि को दोबारा जोड़ने की कवायद की जाएगी।

इस दौरान मशीनों से शेष शरीर को ऑक्‍सीजन और खून की आपूर्ति की जाएगी। मरीज को ड्रग देकर कोमा में रखा जाएगा।

की जा चुकी है रिहर्सल

कैनेवेरो कहते हैं कि चूहों, कुत्‍तों के अलावा मानव शवों के साथ इस प्रयोग की रिहर्सल की जा चुकी है। एक प्रयोग में तो कुत्‍ता छह सप्‍ताह बाद चलने लगा था। यह देखना बहुत आश्‍चर्यजनक था।

मानव शव पर 18 घंटे तक किए गए ऑपरेशन के बाद रीढ़ और रक्‍त नलियों को आपस में जोड़ना संभव हो पाया था। पूरे ट्रांसप्‍लांट के पहले ब्रेन डेड के दो मरीजों की सर्जरी की जाना होगी।

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