Jeff Bezos Space Trip । अमेजन कंपनी के फाउंडर और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति में से एक जेफ बेजोस आज अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेंगे। जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजन का न्यू शेपर्ड रॉकेट बेजोस के अलावा चार और लोगों को लेकर अंतरिक्ष में उड़ान भरेगा। गौरतलब है कि Jeff Bezos की टीम बीते हफ्ते अंतरिक्ष यात्रा पर गई रिचर्ड ब्रेनसन की टीम से भी आगे तक जाएगी। इसके अलावा बेजोस के इस सफर में सबसे खास बात उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला रॉकेट है, जिसे पूरी से तरह से दोबारा प्रयोग किया जा सकेगा।

कारमन लाइन तक जाएंगे बेजोस

गौरतलब है कि पृथ्वी के ऊपर 100 किलोमीटर तक अंतरिक्ष की सीमा मानी गई है, जिसे कारमन लाइन कहा जाता है। Jeff Bezos अपनी टीम के साथ कारमन लाइन तक जाएंगे, जबकि रिचर्ड ब्रेनसन की टीम 86 किलोमीटर तक ही गई थी। इस अंतरिक्ष टूर के दौरान जेफ बेजोस के अलावा उनके भाई मार्क बेजोस भी होंगे।

सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री बनेंगे मार्क बेजोस

Jeff Bezos के भाई मार्क बेजोस के अलावा सबसे कम उम्र में अंतरिक्ष पर जाने वाले यात्रियों में 18 वर्षीय छात्र ओलिवर डेमन भी शामिल होंगे और सबसे ज्यादा उम्र में अंतरिक्ष में जा रही 82 वर्षीय वैली फंक इस यान में रहेंगी। फिलहाल उनकी टीम अंतरिक्ष में रवाना होने से पहले प्रशिक्षण के लिए ब्लू ओरिजन के 'एस्ट्रोनाट विलेज' में रुकी है।

इसलिए चुनी 20 जुलाई की तारीख

Jeff Bezos ने अंतरिक्ष में जाने के लिए 20 जुलाई का चुनाव काफी सोच समझकर किया है। दरअसल 1969 में 20 जुलाई को ही इंसान ने पहली बार चंद्रमा पर अपने कदम रखे थे। अमेरिका का अपोलो-11 अंतरिक्ष यान नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन को लेकर चंद्रमा पर पहुंचा था। यहां तक कि ब्लू ओरिजन के रॉकेट का नाम भी अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी एलन शेपर्ड के सम्मान में न्यू शेपर्ड रखा गया है।

इस अंतिरक्ष टूर के जुड़ी अन्य खास बातें

-- ब्लू ओरिजन का न्यू शेपर्ड राकेट वीटीवीएल (वर्टिकल टेक-आफ वर्टिकल लैंडिंग) तकनीक पर काम करता है। इस तकनीक में रॉकेट जिस तरह ऊपर जाता है, ठीक उसी तरह से नियंत्रित और कम गति से नीचे की ओर आता है।

-- रॉकेट में लगा कंप्यूटर ही इस पूरे सफर को नियंत्रित करेगा। यह मानव द्वारा नियंत्रित नहीं होगा। स्पेसएक्स अपने स्टारशिप राकेट पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि यह बिलकुल न्यू शेपर्ड जैसा होगा।

-- न्यू शेपर्ड राकेट यात्रियों समेत कैप्सूल को लेकर उड़ान भरेगा और कारमन लाइन पर पहुंचकर कैप्सूल अलग हो जाएगा

-- यात्रियों को चार मिनट अंतरिक्ष में भारहीनता का अनुभव होगा। इसके बाद पैराशूट के जरिये वेस्ट टेक्सास के रेगिस्तान में कैप्सूल की लैंडिंग होगी।

Posted By: Sandeep Chourey

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