वॉशिंगटन। नाइकी के जूते अपनी क्वालिटी और लुक के लिए दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं। मगर, इस बार कंपनी ने जो जूता बाजार में उतारा वह दो लाख 13 हजार रुपए से अधिक कीमत का था। लिहाजा, इसका सीमित संस्करण ही पेश किया गया था। जीसस शूज के नाम वाले इस जूते की खास बात यह थी कि इसमें जॉर्डन की नदी का पवित्र जल भरा गया था। कंपनी को इसके हाथों-हाथ बिकने की उम्मीद थी और हुआ भी वैसा ही। इन्हें बाजार में पेश किए जाने के कुछ ही मिनट में इसके सारे जूते बिक गए। बताया जा रहा है कि प्रयोग के तौर पर इस लिमिटेड एडिशन शूज के एक दर्जन से भी कम जूतों का निर्माण किया गया था।

ब्रांड के संस्थापक गैब्रियल वैले ने संकेत दिया है कि भविष्य में इसका दूसरा संस्करण पेश किया जा सकता है। सफेद रंग के नाइकी एयर मैक्स 97 की खास जूतों की जोड़ी को ब्रुकलिन-आधारित रचनात्मक लेबल MSCHF ने बनाया था। जूते की खासियत यह है कि इसमें जॉर्डन की नदी का पवित्र जल भरा गया था। जूते के सोल में करीब से देखने पर नदी का पानी तैरते हुए देखा जा सकता था।

यदि आपको लगता है कि यह केवल पवित्र जल की वजह से इसकी कीमत इतनी ज्यादा थी, तो इसकी एक और खासियत पर नजर डालिए। जूतों में बाइबिल की एक आयत मैथ्यू 14:25 भी लिखी थी- जिसमें यीशु के पानी पर चलने का वर्णन था। जूते से एक तरफ खून की एक बूंद भी बनाई गई थी, जो क्राइस्ट के खून का प्रतिनिधित्व कर रही थी।

इसमें लाल रंग का पैतावा (सोल) लगा हुआ था, जिसका संदर्भ यह है कि पुराने समय में पोप पारंपरिक रूप से लाल रंग के जूते पहनते थे। जब यह जूता इतना धार्मिक है, तो इसका पैकेज भी धार्मिक ही होना चाहिए। जूते के डिब्बे में एक दूत और एक सील की तस्वीर बनी हुई है।