वाशिंगटन। अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को फिर से समर्थन दिया है। साथ ही दोनों देशों ने पाकिस्तान को अपनी जमीन को सीमा पार के आतंकी हमलों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनने से मना किया है। इसके अलावा, पाकिस्तान को आतंकी संगठनों के खिलाफ वास्तविक और ठोस कार्रवाई करने को कहा है।

विगत बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने विदेश सचिव विजय गोखले से मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत को इस मुद्दे पर पूरा समर्थन दिया है। बोल्टन ने एक ट्वीट करके कहा, 'अमेरिका-भारत की रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर भारत के विदेश सचिव गोखले से मुलाकात हुई। हमने भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए भी अपने विचार साझा किए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।'

उल्लेखनीय है कि विगत 14 फरवरी को पुलवामा में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के हमले में 40 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद भारत और अमेरिकी संबंधों में बोल्टन और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो भारत के बड़े समर्थक बनकर उभरे हैं।

भारतीय दूतावास ने इस बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि गोखले और बोल्टन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में चल रहे आतंकी संगठनों के ठिकानों के खिलाफ वास्तविक और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाह देना बंद करने की चेतावनी भी पाकिस्तान को दी गई है।

अमेरिका ने भारत के प्रति यह समर्थन तब जताया है जब चीन ने लगातार चौथी बार पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो का इस्तेमाल किया है।

उल्लेखनीय है कि बोल्टन ने पुलवामा हमले के अगले दिन ही भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत करके अपने बचाव में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने समर्थन व्यक्त किया था। इसके बाद विगत 26 जनवरी को भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कर जैश के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

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