इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्‍तान के बीच गहराते तनाव के बीच अब नई खबर यह आई है कि इमरान खान भारत के साथ किसी भी तरह की बातचीत का इरादा नहीं रखते। वे पहले ही भारत से अपने व्‍यापारिक संबंध खत्‍म कर चुके हैं, अब वे शांति की दिशा में कोई संवाद भी नहीं करना चाहते।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अपनी कश्मीर आलोचना पर भारत की आलोचना को तेज करते हुए कहा कि वह अब भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत नहीं करेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में इमरान ने अनुच्‍छेद 370 को लेकर भारत द्वारा उठाए गए बड़े कदम पर भी टिप्‍पणी की।

बात करने का कोई मतलब नहीं

इमरान ने कहा कि, “उनसे बात करने का कोई मतलब नहीं है। मैंने सारी बातें कर ली हैं। दुर्भाग्यवश, अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो सभी शांति और संवाद के लिए जो मैं माहौल बना रहा था, मुझे लगता है कि उन्होंने इसे तुष्टीकरण के अर्थ में ले लिया था।” इमरान ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में कहा इसके सिवा और कुछ नहीं है जो हम कर सकते हैं।

भारत ने किए हज़ारों सैनिक तैनात

इमरान ने भारत की हिंदू राष्ट्रवादी सरकार को दो हफ्ते से अधिक समय पहले अचानक से भारत-नियंत्रित हिस्से की कश्मीर में स्वायत्तता को समाप्त करने के लिए दोहराया है। उन्‍होंने कहा, भारत ने किसी भी संभावित अशांति को कम करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात किया और भारत और पाकिस्तान के बीच दो युद्धों के लिए हिमालयी क्षेत्र में लगभग सभी संचारों को बंद कर दिया।

इमरान ने लगाया यह आरोप

इमरान ने भारतीय सैनिकों और पुलिस अधिकारियों पर कश्मीरी नागरिकों पर अत्यधिक बल का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

भारत के राजदूत ने आलोचना को खारिज किया

इमरान के इस बयान पर भारत सरकार की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत, हर्षवर्धन श्रृंगला ने आलोचना को खारिज कर दिया।

राजदूत ने कहा, "हमारा अनुभव रहा है कि हर बार जब हमने शांति की दिशा में पहल की है, तो यह हमारे लिए बुरा अनुभव रहा है।" "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा।"