वॉशिंगटन। 24 और 25 अगस्त को फ्रांस में होने वाली जी-7 देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। अब अमेरिका का कहना है कि इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मोदी के बीच कश्मीर मुद्दे पर बात हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रंप के एजेंडे की जानकारी दी।

अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप यह जानना चाहेंगे कि क्षेत्रीय तनाव घटाने और कश्मीर में मानवाधिकार का सम्मान करने के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की क्या योजना है। राष्ट्रपति ट्रंप कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान की सहायता को तैयार हैं, बशर्ते दोनों पक्ष इसके लिए कहें। ट्रंप घाटी के हालात और उसके व्यापक असर के मद्देनजर बहुत गंभीर हैं।

अधिकारी ने आगे कहा कि अमेरिका कश्मीर के घटनाक्रम की वजह से पड़ने वाले व्यापक असर और क्षेत्र में संभावित अस्थिरता की आशंका पर संज्ञान ले रहे हैं। राष्ट्रपति इस पर बहुत गंभीर हैं।

ट्रंप ने कह चुके हैं कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए मध्यस्थता या कुछ करने के इच्छुक हैं, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।

अधिकारी के मुताबिक, कश्मीर पर पीएम मोदी के उठाए अहम कदम की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति संभवतः सभी पक्षों के बीच बातचीत पर जोर देंगे। वह उम्मीद करते हैं कि भारत कश्मीर में संचार साधनों पर लगी रोक हटाएगा।

गौरतलब है कि पांच अगस्त को भारत ने अनुच्छेद-370 को खत्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का फैसला किया था। इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। भारत ने साफ किया है कि यह उसका अंदरूनी मामला है और पाकिस्तान को यह सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए।