बीजिंग। चीन में इन दिनों SARS जैसा Coronavirus तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में अब तक 140 से ज्यादा लोगों के आने की सूचना है। चीन में बढ़ते न्यूमोनिया के मामलों के पीछ वजह एक नए प्रकार के कोरोना वायरस (Corornavirus) को माना जा रहा है। इसकी तुलना उस SARS वायरल से की जा रही है जो चीन में 2002 में फैला था और चीन के दक्षिणी इलाके से शुरू हुई इस बीमारी की चपेट में आकर दो दर्जन देशों के 800 लोगों की मौत हुई थी।

चीन में फैल रहे इस वायरल न्यूमोनिया के बाद जहां भारत ने अलर्ट जारी कर दिया है वहीं इससे डरे अमेरिका ने वुहान से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। उसने इस काम के लिए लॉस एंजिलिस, सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क के केनेडी एयरपोर्ट पर 100 कर्मचारियों को तैनात किया है। यहां पर वुहान से आने वाले यात्रियों से ना केवल उनके लक्षणों के बारे में पूछा जाएगा बल्कि उनका तापमान भी लिया जाएगा। एशिया के कम से कम छह अन्य देशों ने भी मध्य चीन से आने वाले हवाई यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। इसमें थाइलैंड और जापान भी शामिल हैं। खास बात यह है कि दोनों देशों में वायरल न्यूमोनिया के तीन मामले सामने आ चुके हैं।

एक हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने का दावा किया

भले ही चीन वायरल न्यूमोनिया से वुहान में प्रभावित लोगों की संख्या 145 बता रहा हो, लेकिन लंदन के इंपीरियल कॉलेज एमआरसी सेंटर फॉर ग्लोबल इंफेक्शियस डिजीज एनालिसिस के वैज्ञानिकों ने प्रभावित लोगों की संख्या एक हजार से अधिक होने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 12 जनवरी तक कुल 1,723 लोग इसकी चपेट में आ चुके थे।

क्या है कोरोना वायरस

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, कोरोना वायरस सी-फूड से जुड़ा है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। कोरोना वायरस के मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद ये लक्षण न्यूमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। अभी तक इस वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है।

Posted By: Ajay Barve

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