लंदन। London Bridge Attack : लंदन में चुनावों की गहमा-गहमी के बीच लंदन ब्रिज हमले ने प्रचार का रुख बदल दिया है। पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि कम से कम 74 आतंकी कैदियों को समय से पहले रिहा कर दिया गया है। सिक्योरिटी सर्विस अब उन दोषी ठहराए गए आतंकियों पर निगरानी बढ़ा रही है। ब्रिटेन के चुनाव में जाने से दो हफ्ते पहले कानून और व्यवस्था को चुनाव के मुख्य मुद्दे में बदल गया है। दरअसल, शुक्रवार को 28 वर्षीय उस्मान खान ने दो लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गोली मारकर ढेर कर दिया था।

पीएम जॉनसन ने कहा कि उस्मान की तरह ही आतंकवाद के मामले में दोषी ठहराए गए करीब 74 लोगों को पिछले दिसंबर में उनकी सजा पूरी होने से पहले रिहा कर दिया गया था। पीएम ने का कि उन लोगों की सही तरह से निगरानी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनसे कोई खतरा नहीं है। हमने बीते 48 घंटों में बहुत से कदम उठाए हैं, जिनके बारे में आप कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम इसके बारे में ऑपरेशन डिटेल्स नहीं दे सकते हैं। इस बीत आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपनी समाचार एजेंसी अमाक न्यूज एजेंसी के जरिये बयान जारी कर शुक्रवार को हुए हमले की जिम्मेदारी ली है।

हालांकि, आईएस ने अपने बयाने के पक्ष में कोई सबूत नहीं दिया है। जॉनसन ने अपने प्रतिद्वंद्वी पीएम उम्मीदवार जेरेमी कार्बन को अपराधों के मामले में कमजोर करार देते हुए आरोप लगाया कि लेबर पार्टी साल 2008 में जब सत्ता में थी, तो वह कानून लाई थी, जिसमें कुछ कैदियों को स्वतः ही जल्दी रिहा कर दिया जाता था। टोरी नेता ने कहा कि अगर इस महीने होने वाले चुनावों के बाद वह सत्ता में आते हैं, तो आतंकी अपराधों में दोषी ठहराए गए लोगों की जल्दी सजा खत्म होने को बंद करेंगे। इसके साथ ही ऐसे अपराधियों को कम से कम 14 साल जेल की सजा की पेशकश करेंगे, जिसमें कुछ दोषियों को कभी जेल से रिहा नहीं किया जाएगा।

बताते चलें कि बीते रविवार को पार्टी की तरफ से जारी किए गए औपचारिक घोषणा पत्र में इस प्रस्ताव को शामिल नहीं किया गया था। जॉनसन ने कहा कि हम गंभीर यौन अपराधियों, हिंसा करने वालों और अपराधियों के लिए कड़ी सजा का कानून लाएंगे। मैं निश्चित रूप से इस बात की निंदा करता हूं कि यह आदमी (उस्मान) सड़कों पर घूम रहा था। मुझे लगता है कि इसका पूरी तरह से प्रतिकार किया जाना चाहिए और हम कार्रवाई करने जा रहे हैं।

ब्रिटेन में जन्मे इस आतंकी को साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में बम लगाने की योजना बनाने के आरोप में जेल की सजा हुई थी। वह दिसंबर 2018 में जेल से रिहा हुआ था और इलेक्ट्रॉनिक टैग पहनाकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। वह मुंबई में हुए 26/11 के हमले की तरह ही ब्रिटिश संसद पर हमला करने के साथ ही तत्कालीन ब्रिटिश मेयर बोरिस जॉनसन की हत्या भी करना चाहता था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai