इस्लामाबाद। London Bridge Attack: पाकिस्तान के एक अखबार ने खबर छापी थी कि लंदन ब्रिज के हमलावर उस्मान खान की पहचान पाकिस्तान मूल के व्यक्ति के रूप में की गई थी। इस खबर से नाजार हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी बैनर लेकर अखबार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखबार के कार्यालय पहुंच गए और अखबार के स्टाफ को बंधक बना लिया। प्रमुख दैनिक अखबार डॉन ने अपनी हेडिंग में लिखा था कि उस्मान की पहचान पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक के रूप में हुई है। बताते चलें कि वह एक दोषी ठहराया जा चुका और जेल की सजा काट चुका इस्लामिक आतंकी था और उसने पिछले हफ्ते लंदन ब्रिज पर चाकू से हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी।

वहीं, अन्य स्थानीय दैनिक अखबारों ने लिखा था कि वह ब्रिटेन में पैदा हुआ था और पाकिस्तान से उसका कोई संबंध नहीं था। अखबार ने मंगलवार को लंदन ब्रिज हमलावर की जातीयता पर प्रकाशित खबर को लेकर कुछ दर्जन अज्ञात लोग इस्लामाबाद स्थित डॉन अखबार के ऑफिस के बाहर धरना और प्रदर्शन करने लगे। वे पिछले हफ्ते अखबार की उस हेडलाइन से जाहिरतौर पर नाराज थे, जिसमें उस्मान खान को पाकिस्तान मूल के व्यक्ति के रूप में बताया गया था।

गुस्साई भीड़ बैनर लिए थी और लगभग तीन घंटे तक कार्यालय की इमारत के बाहर अखबार के खिलाफ नारेबाजी करती रही। भीड़ ने परिसर को घेर लिया और कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। उन्होंने कर्मचारियों को इमारत में प्रवेश करने या छोड़ने से रोक दिआ और लिखित माफी की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अखबार के साथ-साथ डॉन टीवी कर्मचारियों के कार्यालय में पहुंचने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया।

मीडिया हाउस में मौजूद सुरक्षा गार्डों को प्रदर्शनकारियों को पुलिस और राजधानी प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने तक परिसर में भीड़ को घुसने से रोकने के लिए दरवाजों को बंद करना पड़ा। एक सहायक आयुक्त की उपस्थिति में अखबार प्रबंधन के साथ लंबी बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी आखिरकार चेतावनी देने के बाद वहां से जाने के लिए राजी हुए।

इस घटना की व्यापक रूप से विभिन्न राजनीतिक दलों, सांसदों और पत्रकार निकायों के नेताओं ने निंदा की। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने एक बयान में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी विरोध के नाम पर मीडिया आउटलेट पर हमला करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने भीड़ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए पत्रकारों के साथ खड़े रहने की बात की। वहीं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने अपराधियों को दंडित करने के लिए घटना की उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai