कोलंबो। लक्जरी पर्यटन स्थल मालदीव ने म्यांमार के सताए गए रोहिंग्या मुसलमानों के लिए न्याय मांगने में संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत में प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रमुख मानवाधिकार वकील अमल क्लूनी को हायर किया है। मालदीव की सरकार ने बुधवार को कहा कि वह म्यांमार के साल 2017 के सैन्य हमले को चुनौती देने वाले मुस्लिम अफ्रीकी राज्य द गाम्बिया में औपचारिक रूप से शामिल होगी। बताते चलें कि म्यानमार के सैन्य हमले की वजह से करीब सात लाख 40,000 हजार रोहिंग्या मुस्लिमों को पड़ोसी बांग्लादेश में भागना पड़ा था।

पिछले महीने सर्वसम्मत से दिए गए एक फैसले में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने बौद्ध-बहुसंख्यक म्यांमार को आदेश दिया था कि वह रोहिंग्या के नरसंहार को रोकने के लिए आपातकालीन उपायों को लागू करे। बताते चलें कि अमाल क्लूनी ने सफलतापूर्वक मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद का प्रतिनिधित्व किया और संयुक्त राष्ट्र का निर्णय सुरक्षित कर लिया था कि उनके साल 2015 में दी गई 13 साल जेल की सजा अवैध थी।

साल 2018 में मजबूत अध्यक्ष अब्दुल्ला यामीन के पतन के बाद तीन लाख 40,000 हजार की आबादी वाले सुन्नी मुस्लिम राष्ट्र में मोहम्मद नशीद के साथ ही कई अन्य असंतुष्टों को किसी भी गलत काम के अपराध से बरी कर दिया गया था। मोहम्मद नशीद वर्तमान में राष्ट्रीय विधायिका में स्पीकर हैं।

अमेरिकी अभिनेता जॉर्ज क्लूनी की पत्नी अमाल

अमाल अलामुद्दीन क्लूनी पेशे से मानवाधिकार वकील हैं। मूल रूप से लेबनान की रहने वाली ब्रिटिश बैरिस्टर अमाल ने कई मामलों में दूसरे छोर पर खड़े उन लोगों की आवाज पुरजोर तरीके से उठाई है, जिनके साथ खड़े होने की हिम्मत कम ही लोग जुटा पाते हैं। इससे पहले वह विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के प्रत्यर्पण का मामला भी उठा चुकी हैं।

अमाल क्लूनी अमेरिका और लंदन में प्रैक्टिस करने वाली एक क्वालीफाइड लायर हैं। उन्हें 2002 में न्यूयॉर्क में व 2010 में इंग्लैंड और वेल्स में काम करने की इजाजत मिली थी। वह द हेग में इंटरनेशनल कोर्ट्स में प्रैक्टिस कर चुकी हैं। इसके साथ ही वह इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस और द इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में भी काम कर चुकी हैं।

वह क्लूनी फाउंडेशन फॉर जस्टिस की प्रेसिडेंट हैं, जिसे उन्होंने साल 2016 में अपने पति जॉर्ज क्लूनी के साथ बनाया था। इसकी मदद से वह दुनिया भर की अदालतों में न्याय को आगे बढ़ा रही हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai