काबुल। शनिवार की देर शाम काबुल में एक विस्फोट में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 182 लोग घायल हो गए। वहीं, 63 लोगों की मौत हो गई है। एक स्थानीय अस्पताल ने कहा कि हमारे यहां इलाज के लिए कई घायलों को लाया गया है, जबकि एक गवाह ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर कई शवों को देखा था। बताया जा रहा है कि अफगानिस्तान में एक शादी की पार्टी के दौरान होटल में यह धमाका किया गया।

यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है अमेरिका और तालिबान एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत करीब 14 हजार अमेरिकी सैनिकों की वहां से निकासी शुरू हो जाएगी। इसके बदले में विद्रोहियों ने विभिन्न सुरक्षा आश्वासन अमेरिका को दिए हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा कि विस्फोट पश्चिम काबुल में रात 10:40 बजे हुआ था। उन्होंने डाइनिंग क्षेत्र में कई शवों को दिखाते हुए फेसबुक तस्वीरों पर शेयर की थीं।

अफगान शादियां भव्य होती हैं, जिसमें सैकड़ों या कई बार हजारों मेहमान विशालकाय विवाह मंडपों के अंदर जश्न मनाते हैं। यहां पुरुष आमतौर पर महिलाओं और बच्चों से अलग शिरकत करते हैं। शादी के जश्न में शामिल मोहम्मद फरहाग ने कहा कि जब वह महिलाओं के ग्रुप में थे, तो उन्होंने पुरुषों के क्षेत्र में एक बड़ा धमाका सुना। हर कोई चिल्ला और रोते हुए बाहर भाग रहा था।

करीब 20 मिनट के लिए हॉल धुएं से भर गया था। पुरुषों के क्षेत्र में मौजूद लगभग सभी लोग या तो मर चुके हैं या घायल हो गए हैं। विस्फोट के दो घंटे बाद भी शवों को हॉल से बाहर निकाला जा रहा था। हालांकि, किसी भी आतंकी समूह ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली थी।

सरकारी प्रवक्ता फिरोज बशारी ने कहा कि विस्फोट एक स्पष्ट संकेत था कि आतंकवादी अफगानों की खुशी नहीं देख सकते। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- आप उनकी हत्या कर उन्हें नहीं झुका सकते हैं। आज रात के हमलावरों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।

आतंकियों ने समय-समय पर अफगान शादियों को निशाना बनाया है। दरअसल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की कमी की वजह से शादी समारोह को निशाना बनाना आसान होता है। 12 जुलाई को पूर्वी अफगान प्रांत एक आत्मघाती हमलावर ने एक शादी समारोह पर हमला कर दिया था, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए। इस्लामिक स्टेट समूह ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी, जिसका दखल इस इलाके में बढ़ता जा रहा है।