कोलंबो। रावण को आतंकवाद से जोड़ने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ने श्रीलंका में रावण के अनुयायियों को नाराज कर दिया है। लखनऊ में 11 अक्टूबर को विजयादशमी के मौके पर मोदी ने रावण को आतंकवाद से जोड़ा था। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद से लड़ने वाला पहला व्यक्ति न तो कोई सैनिक था और न ही कोई नेता। वह एक पौराणिक पक्षी जटायु था जो असहाय सीता की रक्षा के लिए रावण से लड़ा था।

रावण फोर्स का नेतृत्व करने वाले बौद्ध भिक्षु इत्तापाने साद्धातिस्सा ने कहा कि हम आतंकवादी से राजा रावण की तुलना करने वाले भारतीय प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हैं। रावण फोर्स इस बयान के खिलाफ विरोध जताते हुए श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग को जल्द याचिका सौंपेगा।

साद्धातिस्सा ने कहा कि मोदी का बयान श्रीलंका में चल रही सुलह की प्रक्रिया को बाधित करता है। एक अन्य संगठन रावण शक्ति ने कहा है कि रावण को रामायण में भी आतंकवादी नहीं बताया गया है।