बीजिंग Monkey B Virus । कोरोना महामारी दुनियाभर में चीन से ही फैली थी और अब चीन में ही ‘मंकी-बी’ वायरस से संक्रमित पहले व्यक्ति की मौत ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। गौरतलब है कि बीते दिनों चीन की राजधानी बीजिंग में एक पशु चिकित्सक को मतली और उल्टी जैसे लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था और जांच में बुखार और न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी दिखाई देने लगे थे। बाद में Genome Sequencing के जरिए पता चला पशु चिकित्सक मंकी-बी वायरस से प्रभावित है।

चीन में मंकी-बी वायरस का पहला मामला

गौरतलब है कि यह चीन में मंकी बी वायरस का पहला मानव संक्रमण मामला था, जिसमें अब पशु चिकित्सक की मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मंकी-बी वायरस मृत पशु चिकित्सक के करीबियों में देखने को नहीं मिला है और वे सभी अभी सुरक्षित हैं। चीन में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 53 वर्षीय पशु चिकित्सक, गैर-मानव प्राइमेट्स पर शोध करने वाली संस्था के लिए काम करते थे। उन्हें मार्च की शुरुआत में दो मृत बंदरों को विच्छेदित करने के एक महीने बाद मतली और उल्टी के शुरुआती लक्षण दिखे।

Monkey B Virus : जानिए क्या है लक्षण, इलाज

- Monkey B Virus एक अल्फाहर्पीसवायरस एनज़ूटिक हैं, जो बंदरों की मकाक प्रजाति में साल 1932 में पहली बार देखा गया था और वायरस आमतौर पर शारीरिक द्रव स्राव के सीधे संपर्क और विनिमय के माध्यम से फैलता है।

- अमेरिकी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक बीवी में मनुष्यों में संचारित होने पर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर आक्रमण करने की प्रवृत्ति होती है। रोगजनक ज़ूनोटिक बीवी संक्रमण के लगभग 60 मामले सामने आए हैं, जिसकी घातक दर लगभग 70% -80% है।

- 2008 की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन सीडीसी द्वारा सुझाए गए वास्तविक बीवी विशिष्ट रोगजनक मुक्त मैकाक कॉलोनियों का विकास और रखरखाव, मुश्किल साबित हुआ है। शुरुआती लक्षण 1-3 सप्ताह बाद विकसित होते हैं।

Posted By: Sandeep Chourey