वॉशिंगटन। भारत के इसरो के अलावा अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के डीप स्पेस एंटीना से भी चंद्रमा की सतह पर बेजान पड़े विक्रम लैंडर से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। नासा ने विक्रम को हैलो मैसेज भेजा है। बताते चलें कि सात सितंबर को विक्रम लैंडर का संपर्क चंद्रमा की सतह से महज 2.1 किमी दूरी पर इसरो के साथ टूट गया था। विक्रम को वहां सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी।

इस घटना के बाद से इसरो के वैज्ञानिक लगातार विक्रम के साथ संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई नतीजा नहीं मिला है। विक्रम के बचने की उम्मीद दिनों-दिन कमजोर पड़ती जा रही है और 20-21 सितंबर के बाद इससे संपर्क करने की उम्मीद लगभग खत्म हो जाएगी क्योंकि तब इसके सोलर पैनल को अगले 14 दिनों तक कोई भी ऊर्जा नहीं मिलेगी।

नासा के जेट प्रपल्शन लैबोरेट्री ने विक्रम के साथ संपर्क करने की कोशिश में एक रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजी है। नासा में एक सूत्र ने बताया कि नासा कैलिफोर्निया में स्थित अपने डीप स्पेस नेटवर्क के जरिये विक्रम लैंडर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। एक अन्य एस्ट्रोनॉट स्कॉट टिले ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया- डीप स्पेस नेटवर्क ने 12 किलोवॉट की रेडियो फ्रीक्वेंसी को भेजा है, ताकि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का धरती से कम्युनिकेशन शुरू हो सके। बताते चलें कि टिली ने नासा के स्पाई सैटेलाइट इमेज को खोज निकाला था, जो साल 2005 में खो गया था।

बताया जा रहा है कि लैंडर को सिग्नल भेजने पर चंद्रमा एक रेडियो रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है और सिग्नल का एक छोटा हिस्सा धरती पर वापस भेजता है, जो आठ लाख किमी की राउंड ट्रिप करके लौटता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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