नेपाल में जहां राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कभी भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। वहीं देश में कोरोना वायरस के कारण हालात बिगड़ गए हैं । नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। जानलेवा महामारी के कारण 16 पॉजिटिव की मौत हो गई है। देश में अब तक कुल चार लाख 13 हजार 111 संक्रमित हुए हैं और 4084 लोगों ने दम तोड़ा है।

काठमांडू पोस्ट न्यूजपेपर के मुताबिक रुपंदेही जिले के तीन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से कुल 16 मरीजों की मृत्यु हो गई। देश के ज्यादातर शहरों के अस्पताल मंगलवार से ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे हैं। राजधानी काठमांडू में भी यही स्थिति है। यहां के करीब दर्जनभर हॉस्पिटलों ने ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए नए कोरोना मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया है।

इस बीच, सरकार ने निजी अस्पतालों से कहा कि वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 15 दिन में खुद का आक्सीजन प्लांट लगाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 100 से अधिक बिस्तर वाले सभी निजी अस्पतालों की यह जिम्मेदारी है। जबकि सरकार का अनुमान है कि मौजूदा ऑक्सीजन मांग को पूरा करने के लिए करीब 15 हजार सिलेंडरों की जरूरत है, लेकिन इस समय देश में महज करीब आठ हजार सिलेंडर हैं।

Posted By: Navodit Saktawat