क्राइस्टचर्च। न्यूजीलैंड के आधुनिक इतिहास में सबसे खराब अत्याचार और हिंसा की वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को आखिर कोर्ट ने सजा सुना दी। उसे दो क्राइस्टचर्च मस्जिदों में 51 लोगों की हत्या करने और खुलेआम गोलीबारी करने के जुर्म में गुरुवार को अप्रत्याशित रूप से सभी आरोपों के लिए दोषी ठहराया गया है

एक साल पहले मस्जिदों में नमाज पढ़ रहे लोगों पर किए गए उस हमले ने न्यूजीलैंड को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया था।

श्वेत नस्लवादी ब्रेंटन हैरिसन टैरेंट ने इस हमले के दौरान फेसबुक लाइव भी किया था और इस दौरान ऐसा लग रहा था मानो वह कोई गेम खेल रहा हो। पकड़े जाने पर भी उसके चेहरे पर कोई दुख या पछतावा नहीं था। हमले से पहले उसने अपने 74-पृष्ठ के घोषणापत्र को भी ऑनलाइन प्रकाशित किया था। बहरहाल, इस मामले के बाद न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा अर्डेन ने बहुत अच्छी तरह से स्थित को संभाला था और मुस्लिम समुदाय के लोगों से जाकर मुलाकात की थी।

इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपने हथियार सरकार को वापस करने के लिए एक मुहिम भी चलाई थी। इस घटना ने नए प्रकार के अर्ध-स्वचालित हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए कानूनों को प्रेरित किया था। बंदूकधारी द्वारा फेसबुक पर अपने हमले के बाद इसे सोशल मीडिया प्रोटोकॉल में वैश्विक बदलाव के लिए भी प्रेरित किया गया, जहां इसे हजारों लोगों ने देखा था।

क्राइस्टचर्च हाई कोर्ट ने 29 वर्षीय टैरैंट को हत्याओं के 51 मामलों, हत्या की कोशिश के 40 मामलों और आतंकवाद के एक मामले में दोषी ठहराया। इससे पहले उसे सभी आरोपों में दोषी नहीं ठहराया गया था और उसका ट्रायल जून में शुरू होगा। अमेरिका में 11 सितंबर 2011 को हुए आतंकी हमले के बाद न्यूजीलैंड में आतंवाद के खिलाफ जो कानून पारित किए गए थे, उनके अनुसार सजा पाने वाला टैरेंट पहला व्यक्ति है जिसे न्यूजीलैंड में दोषी पाया गया है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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