अबुजा। Nigerian Pirates : एक बड़े कच्चे माल के जहाज पर सवार 18 भारतीयों सहित चालक दल के 19 सदस्यों को मंगलवार देर रात नाइजीरिया के बोनी ऑफशोर टर्मिनल से 66 नॉटिकल मील की दूरी पर समुद्री डाकुओं ने अगवा कर लिया। अपहरण से कुछ समय पहले जहाज पर सवार मुख्य अधिकारी ने मुंबई में अपनी पत्नी को फोन किया था। हालांकि, सुरक्षा कारणों से अधिकारी की पहचान नहीं की गई है।

अपहृत किए गए लोगों को कहां रखा गया है, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों ने नाइजीरिया से होते हुए एंग्लो-ईस्टर्न-मैनेजेड नेव कॉन्सटेलेशन पर हमला कर जहाज पर कब्जा कर लिया। हमले के समय जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया जा रहा था। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारतीय मिशन नाइजीरिया के अधिकारियों के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि हॉन्ग-कॉन्ग के जहाज पर मौजूद 18 भारतीयों के अपहरण की सूचना मिलते ही भारत सरकार सक्रिय हो गई थी।

बताते चलें कि बीबीसी ने जून में अपनी रिपोर्ट में बताया कि जिस इलाके में भारतीय लोगों का अपहरण किया गया है, वह समुद्री क्षेत्र नाइजीरिया के समुद्री लुटेरों के लिए सबसे मुफीद जगह है। बताया जा रहा है कि जहाज में 26 चालक दल के सदस्य थे, जिसमें से सात उसी में बने रहे, जिसमें एक तुर्की का नागरिक भी है। भरतीय मूल के चीफ ऑफिसर के पिता ने कहा कि उनका बेटा हांग-कांग स्थित एंग्लो-ईस्ट कंपनी से लगभग 15 साल पहले जुड़ा था।

वह कैप्टन रैंक का अधिकारी है और जहाज पर चीफ ऑफिसर के रूप में काम करता है। मंगलवार की रात में करीब 10.15 बजे उसने अपनी पत्नी को फोन किया था और बताया था कि वह ड्यूटी पर जा रहा है। बुधवार की सुबह कंपनी की तरफ से अपहरण की जानकारी मिलने के बाद हम सदमे में आ गए थे। वह मई में घर से गया था और चार महीने में उसे वापस आना था। आमतौर पर वह चार से पांच महीने में घर वापस आ जाता है। हम बीते कुछ दिनों से उसके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया था कि अभी बुहत काम है और वह जल्द ही घर लौटेगा। बताया जा रहा है कि समुद्री लुटेरे 19 नाविकों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। जहाज फिलहाल सुरक्षित है और नाइजीरिया की नौसेना उसे एस्कॉर्ट कर रही है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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