लंदन। भगोड़े हीरा कारोबारी और दो अरब डॉलर के पीएनबी घोटाले में वांछित नीरव मोदी ने जमानत हासिल करने के लिए बीमारी का नया दांव चला है। लंदन में 19 मार्च को गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद मोदी ने इसके लिए नई जमानत अर्जी दायर करते हुए कहा है कि वह अवसाद (डिप्रेशन) और तनाव में है। लिहाजा, इलाज के लिए जेल से निकालकर घर में नजरबंद कर दिया जाए। ताजा जमानत अर्जी पर छह नवंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी।

इससे पहले उसकी जमानत अर्जी चार बार खारिज हो चुकी है। इसी साल मार्च में प्रत्यर्पण वारंट जारी होने के बाद नीरव की जमानत के लिए यह पांचवीं कोशिश है। अदालत के अधिकारी ने बताया कि जमानत के लिए नीरव के इस नए आवेदन की सुनवाई छह नवंबर को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में होगी। नीरव को जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में उपस्थित होना पड़ेगा।

ब्रिटेन के नियमों के अनुसार, कोई व्यक्ति केवल नए आधार पर ही बेल के लिए अर्जी दायर कर सकता है। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि कोई भी नया आधार नहीं होने की वजह से उसने इस बार स्वास्थ्य को आधार बनाकर बेल हासिल करने की कोशिश की है। नीरव मोदी पर लंदन में भारत प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई भी चल रही है। इसी महीने हुई सुनवाई में जज नीना टेम्पिया ने पुष्टि की थी कि मोदी के प्रत्यर्पण की सुनवाई अगले साल 11 मई और 15 मई को होगी।

इससे पहले मोदी ने कोर्ट के सामने पेशकश की थी की उसे 20 लाख पाउंड के बॉन्ड पर 24 घंटे कर्फ्यू और सर्विलांस में रखा जाए, लेकिन कोर्ट उसकी बात से सहमत नहीं हुआ था। मोदी को नियमानुसार हर 28 दिन पर वीडियो लिंक के जरिए अदालत के समक्ष पेश होना पड़ता है। इस सिलसिले में अगली पेशी 11 नवंबर को होनी है। ऐसा अगले साल फरवरी तक चलेगा। इसी साल 19 मार्च को स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह दक्षिण-पश्चिम लंदन में स्थित वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai