स्टॉकहोम। पोलैंड की लेखिका ओल्गा तोकार्चुक ने वर्ष 2018 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीता है। यौन उत्पीड़न विवाद के कारण पिछले साल के पुरस्कार का एलान इस साल किया गया है। साथ ही ऑस्ट्रिया के उपन्यासकार और पटकथा लेखक पीटर हैंडके को वर्ष 2019 के लिए यह पुरस्कार दिया गया। स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। तोकार्चुक और हैंडक को पुरस्कार के रूप में 90 लाख क्रोनर (9.12 लाख डॉलर यानी 6.48 करोड़ रुपए) मिलेंगे।

शुक्रवार को ओस्लो में शांति के नोबेल पुरस्कार का एलान किया जाएगा। स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, ब्राजील के स्वदेशी नेता राओनी मेतुक्राई और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद का नाम इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की दौड़ में सबसे आगे है।

गुरुवार को स्वीडिश अकादमी ने अपने बयान में कहा कि लेखिका 57 वर्षीय की अपनी पीढ़ी की सबसे प्रतिभावान उपन्यासकार माना जाता है। उन्हें पिछले साल के साहित्य के नोबेल के इसलिए चुना गया क्योंकि उनकी कथा-कल्पनाएं जीवन के रूप में सीमाओं से परे है। उनकी किताबों की भाषा सटीक और काव्यात्मक दोनों है। उनकी रचनाओं में इनमें चारित्रिक विशेषताओं और विविध रंगों से भरी दुनिया का निरंतर गति में मिश्रण दिखाई देता है। तोकार्चुक यह प्रतिष्ठिप पुरस्कार प्राप्त करने वाली 15वीं महिला लेखिका हैं। वर्ष 1901से अब तक साहित्य के 116 पुरस्कार दिए गए हैं।

तोकार्चुक : एक परिचय

- 29 जनवरी 1962 को पश्चिमी कस्बे सुलेचोव में जन्मीं तोकार्चुक ने मनोविज्ञान में पढ़ाई की है।

- उन्होंने कुछ साल थेरेपिस्ट के रूप में भी काम किया।

- वह विशुद्ध शाकाहारी व पर्यावरणविद होने के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ता भी हैं। वह पोलैंड की दक्षिणपंथी सरकार की आलोचना से भी नहीं डरीं।

- वर्ष 2015 में उन्हें इस बयान पर जान से मार देने की धमकी मिली थी कि खुला और सहनशील पोलैंड एक मिथक है।

- हैंडके योरप के प्रभावशाली लेखकों में से एक इस साल का साहित्य का नोबले पाने वाले पीटर हैंडके के बारे में अकादमी ने कहा कि वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वह योरप के सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक हैं। उनकी लेखनी में खोज की तीव्र इच्छा दिखाई देती है। इसी कारण उनकी रचनाओं में नई साहित्यिक अभिव्यक्ति मिलती है।

पीटर हैंडके : एक परिचय

-पीटर हैंडके का जन्म ऑस्ट्रिया में ग्रिफेन में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 6 दिसंबर 1942 को हुआ। उनके पिता जर्मनी के एक सैनिक और मां ऑस्ट्रिया की स्लोविनयाई अल्पसंख्यक थीं। -बर्लिन में शुरूआती जीवन गुजारने के बाद हैंडके का जीवन ऑस्ट्रिया में बीता। एक स्कूल की पत्रिका में छपने के बाद लेखन में उनकी रुचि बढ़ी।

-1966 में आए उपन्यास द हॉर्नेट्स से उन्हें जबर्दस्त लोकप्रियता मिली। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई छोड़ दी और पूरे समय लेखन में व्यस्त हो गए।