स्टॉकहोम। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में साल 2019 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। इस साल यह पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया गया है। नोबेल प्राइज जॉन बी- गुडएनफ, एम स्टैनली विटिंघम, और अकीरा योशिनो को देने की घोषणा की गई है। इन तीनों वैज्ञानिकों को लीथियम आयन बैटरी विकसित करने के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया। रॉयल स्वीडिश एकेदमी ऑफ साइंसेस ने बुधवार को इसकी घोषणा की। 97 साल के गुडइनफ यह पुरस्कार पाने वाले सबसे ज्यादा उम्र के विजेता होंगे।

नोबेल पुरस्कार की घोषणा करने वाले निर्णायक मंडल ने इस विकास को क्रांतिकारी बताया है। इस खोज पर निर्णायक मंडल के सदस्यों ने कहा कि हल्की फिर से रिचार्ज होने वाली और काफी बैटरियों का उपयोग वर्तमान में मोबाइल, लैपटॉप और वाहनों तक में हो रहा है। इन बैटरियों में सौर और पवन ऊर्जा की काफी मात्रा में संग्रहण हो सकता है। इस खोज से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे की राह काफी आसान होगी और दुनिया को बढ़ते प्रदुषण से छुटकारा मिल सकेगा।

गौरतलब है फिलहाल जीवाश्म ईधन के इस्तेमाल से जहरीली गैसों का वायुमंडल में काफी प्रभाव बढ़ रहा है। जिससे पूरे विश्व की आबोहवा प्रभावित हो रही है। इस खोज से दुनिया के पर्यावरण को सुधारने में मदद मिलेगी।

इससे पहले मंगलवार को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई थी। जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्यूलॉज को ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोजों के लिए नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की थी।

गौरतलब है नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित प्राइज माना जाता है और यह छह क्षेत्रों चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को दिया जाता है। 1901 में नोबेल प्राइज की शुरूआत हुई थी। ब्रिटिश वैज्ञानिक फ्रेडरिक सेंगर एकमात्र वैज्ञानिक हैं जिनको रसायन के लिए दो बार 1958 और 1980 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।