स्टवांगेर (नार्वे)। वर्ष 2019 के नोबेल पुरस्कारों के ऐलान का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को विलियम जी. केलिन जूनियर, सर पीटर जे. रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेंजा को मेडिसिन में उनकी खोज के लिए संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिए जाने का ऐलान हुआ। तीनों वैज्ञानिकों को कोशिकाओं के ऑक्सीजन ग्रहण पर किए गए रिसर्च के लिए यह सम्मान मिलेगा।

शांति और साहित्य के नोबल पुरस्कारों की घोषणा 10 को

शांति और साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों का ऐलान 10 अक्टूबर को किया जाएगा। दुनियाभर की नजर इन दोनों पुरस्कारों पर रहती है, क्योंकि इनका विवादों से गहरा नाता रहा है।

वर्ष 2018 और 2019 के लिए गुरुवार को घोषणा किए जाने वाले नोबेल साहित्य पुरस्कारों के लिए स्वीडिश एकेडमी में पैनल को विजेताओं के बारे में बहस से दो-चार होना पड़ेगा। बता दें पिछले साल "मी टू" मामले को लेकर संस्था ने मजबूरन यह पुरस्कार निलंबित कर दियाथा था।

नोबल शांति पुरस्कार की बात करें तो इस वर्ष इसके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नाम की हिमायत की है। इतनी ही नहीं, ट्रंप ने एक मौके पर इस पैनल की आलोचना भी की। स्वीडिश एकेडमी के नए स्थायी सचिव मैट्स माल्म का कहना है कि साहित्य पुरस्कार के क्षेत्र में विवाद एक स्वभाविक चीज है। माल्म के अनुसार, साहित्य के बारे में हम अंतरराष्ट्रीय चर्चा में योगदान देना चाहते हैं।

संस्थान की छवि को इस तरह हुआ था नुकसान

नोबल पुरस्करा तय करने वाली एकेडमी की एक पूर्व सदस्य के फ्रांसीसी पति जीन क्लाउड अरनाउल्ट की संलिप्तता वाले यौन शोषण प्रकरण से 2017 और 2018 में संस्था की छवि को काफी नुकसान पहुंचा था। फ्रांसीसी फोटोग्राफर अरनॉल्ट के कथित यौन दुराचार को लेकर स्वीडिश एकेडमी आलोचनाओं के घेरे में थीं। नवंबर 2017 में 18 महिलाओं ने "मी टू" आंदोलन के जरिए अरनॉल्ट पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।